बंगाल चुनाव से पहले EC का एक्शन, बड़े पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला, अब बदले गए 13 डीएम

बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने कई अधिकारियों के तबादले किए हैं. राज्य पुलिस में बड़ा बदलाव हुआ है. रायगंज, मुर्शिदाबाद और बर्दवान के डीआईजी बदल दिए गए हैं. आयोग ने इससे पहले डीजीपी, पांच कमिश्नरेट के सीपी और एडीजी कानून व्यवस्था को भी हटाया था. सिर्फ डीआईजी ही नहीं, बल्कि जिला मजिस्ट्रेटों के भी तबादले हुए हैं. तेरह जिला मजिस्ट्रेटों को बदला गया है.

चुनाव आयोग ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार, रायगंज के डीआईजी राठौर अमित कुमार भरत, मुर्शिदाबाद के डीआईजी अजीत सिंह यादव और बर्दवान के डीआईजी श्रीहरि पांडे का तबादला कर दिया गया है. साथ ही प्रेसिडेंसी रेंज के डीआईजी कंकर प्रसाद बौरी का तबादला हुआ है.

डीआईजी अंजली सिंह का भी तबादला

जलपाईगुड़ी रेंज की डीआईजी अंजली सिंह का भी तबादला हो गया है. दूसरी ओर उत्तर दिनाजपुर, मालदा, नादिया, उत्तरी कोलकाता, दक्षिणी कोलकाता, दार्जिलिंग और अलीपुरद्वार के जिला मजिस्ट्रेटों का तबादला किया गया है. नए तबादलों की सूची भी चौंकाने वाली है. रणधीर कुमार, स्मिता पांडे और अर्जुन ने आयोग के लिए काम किया है, वे रोल ऑब्जर्वर थे. उन्हें पूरी चुनाव प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

शशि पांजा ने बोला हमला

राज्य मंत्री शशि पांजा ने इस बदलाव पर खुलकर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा, बीजेपी लंबे समय से विभिन्न संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है. अब तक जब भी मतदान होता था, सीबीआई-ईडी आती थीं. फिर उन्होंने एसआईआर (SIR) का सहारा लिया. इन सबसे उन्होंने वोटों की संख्या कम कर दी. फिर बंगाल के आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के बीच फूट डाल दी.

बंगाल की जनता यह सब देख रही है

उन्होंने कहा, बंगाल की जनता यह सब देख रही है. यह बहुत ही अपमानजनक है. इसकी कोई जरूरत नहीं थी. जो अधिकारी आए हैं, वे भी योग्य हैं, जो पहले योग्य थे, वे भी योग्य थे. वहीं, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, जब तक वे प्रशासन में थे, वे सरकार के लिए ही थे. आरजी टैक्स से संबंधित सूचनाओं और सबूतों को नष्ट करना इसका सबसे बड़ा सबूत है.

 

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