नियमों की अनदेखी, लाइसेंस फीस में छूट और ₹2000 करोड़ का नुकसान… दिल्ली आबकारी नीति पर PAC की रिपोर्ट

दिल्ली आबकारी नीति पर PAC की रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि मनीष सिसोदिया के फैसलों से ₹2000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है. रिपोर्टे ये भी कहा गया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. विशेष समिति (Committee of Experts) की रिपोर्ट से हटकर फैसला लिया गया. लाइसेंस शुल्क समय पर न देने वालों पर कार्रवाई में ढील दी गई. लाइसेंस शुल्क में छूट/कमी की गई. एयरपोर्ट जोन में Earnest Money Deposit (EMD) वापस किया गया.

रिपोर्ट में सरकार को ₹2000 करोड़ से अधिक के राजस्व नुकसान की बात कही गई है. इसके साथ ही Indospirit और KhaoGali Restaurants Pvt. Ltd. के बीच शेयरहोल्डिंग और डायरेक्टर स्तर पर संबंध पाए गए. KhaoGali ने अपने शराब स्टॉक का 45.26% Indospirit से खरीदा. थोक और खुदरा विक्रेताओं के बीच वर्टिकल इंटीग्रेशन के संकेत मिले हैं.

टेंडर और नीति से जुड़े मुद्दे

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई फैसले बिना कैबिनेट या उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए गए. 2021 आबकारी नीति के टेंडर में 22 शिकायतें मिलीं, 9 बोलीदाता अयोग्य पाए गए. बिना जांच के 17 खुदरा ज़ोन आवंटित किए गए.

नीति निर्माण में खामियां

  • बिना उचित कारण नीति में बदलाव किए गए
  • नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई
  • बिना उचित प्रक्रिया के नीति लागू की गई
  • एक वर्ष के भीतर नीति वापस लेनी पड़ी (31 अगस्त 2022)

पुरानी आबकारी नीति (20172021) में अनियमितताएं

  • नियमों का उल्लंघन कर लाइसेंस देने से विक्रेताओं, होटलों, क्लबों को लाभ पहुंचा
  • IMFL की कीमत निर्धारण में पारदर्शिता की कमी और मनमानी
  • गुणवत्ता नियंत्रण के उपाय कमजोर, कई मामलों में वैध टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं
  • Excise Intelligence Bureau (EIB) और Enforcement Branch राजस्व हानि रोकने में अप्रभावी
  • ESCIMS प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता

जांच और प्रक्रिया

  • मामला पहले से अदालत, CBI/ED जांच और विभागीय कार्रवाई में लंबित
  • PAC ने कार्रवाई की सिफारिश सदन पर छोड़ी
  • रिपोर्ट CAG की ऑडिट, विभागीय जवाब और समिति के निष्कर्षों पर आधारित है

CAG रिपोर्ट (2024) की खास बातें

  • अवधि: 2017-18 से 2020-21
  • विषय: दिल्ली में शराब के विनियमन और आपूर्ति
  • शामिल मुद्दे: ESCIMS प्रणाली, लाइसेंसिंग नीति, मूल्य निर्धारण, गुणवत्ता मानकों का अनुपालन

अन्य जांच क्षेत्र

  • आबकारी खुफिया ब्यूरो (EIB)
  • प्रवर्तन शाखा की कार्यप्रणाली
  • 2021-22 आबकारी नीति का क्रियान्वयन

सीएम आवास (शीश महल) पर कैग रिपोर्ट

इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने आज शीश महल की कैग रिपोर्ट टेबल की. इसमें सीएम आवास (शीश महल) निर्माण में भारी गड़बड़ियां उजागर होने की बात कही गई है. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में दिल्ली के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के कामकाज पर बड़े सवाल उठे हैं.

खर्च में भारी बढ़ोतरी का आरोप

मुख्यमंत्री आवास के निर्माण का अनुमान लगभग 7.9 करोड़ था लेकिन काम पूरा होते-होते खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ हो गया (यानि 300% से ज्यादा बढ़ोतरी).

टेंडर में गड़बड़ी का आरोप

काम देने के लिए सीमित (restricted) टेंडर अपनाया गया. कई मामलों में सही प्रक्रिया और कारण नहीं बताए गए. आरोप है की क्या सिर्फ एक ही ठेकेदार के पास जरूरी अनुभव था.

काम के दौरान बदलाव

  • निर्माण क्षेत्र 36% तक बढ़ा दिया गया. महंगे और लग्जरी काम (डिजाइन, सजावट आदि) जोड़े गए. बार-बार लागत बढ़ाई गई.

अतिरिक्त खर्च का आरोप

  • करीब 18.88 करोड़ अतिरिक्त महंगे कामों पर खर्च किए गए.
  • कई खर्च बिना सही मंजूरी के किए गए

दूसरे प्रोजेक्ट में भी गड़बड़ी

  • स्टाफ ब्लॉक के लिए दिए गए पैसे दूसरी जगह खर्च कर दिए गए
  • असली काम पूरा नहीं हुआ, बल्कि कहीं और क्वार्टर बना दिए गए
  • रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की कमी, नियमों का उल्लंघन और भारी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं.

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