रूसी गैस पाइपलाइन पर क्या हुई हमले की कोशिश? सर्बिया में विस्फोटकों से भरे बैग बरामद
सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने कहा कि हंगरी की सीमा के पास रूस में गैस ले जाने वाली एक पाइपलाइन के पास से विस्फोटकों से भरे दो बैग मिले हैं. सर्बिया और हंगरी, दोनों ही अभी भी रूस में ऊर्जा आपूर्ति पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं. इस वजह से वे उन दूसरे यूरोपीय देशों से अलग-थलग पड़ जाते हैं, जो रूस में ऊर्जा आपूर्ति पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं. वुसिक ने बताया कि ये बैग, जिनमें डेटोनेटर के साथ विस्फोटकों के दो बड़े पैकेट थे, उत्तरी सर्बिया के कानजिजा में गैस पाइपलाइन से कुछ सौ मीटर की दूरी पर मिले. सर्बियाई मीडिया में दिखाए गए वीडियो और तस्वीरों में उस इलाके में भारी पुलिस मौजूदगी दिख रही है, साथ ही सड़कों पर रुकावटें और ऊपर आसमान में हेलीकॉप्टर भी नजर आ रहे हैं.
वुसिक ने कहा कि उन्होंने हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन को गैस के जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरे के मामले में हमारी सेना और पुलिस अधिकारियों की जांच के शुरुआती नतीजों के बारे में जानकारी दी है. ओर्बन ने अगले हफ्ते होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले चुनावी अभियान में व्यस्त हैं. उन्होंने सोशल मीडिया X पर कहा कि आपातकालीन रक्षा परिषद की बैठक बुलाएंगे.
रूस के जीवाश्म ईंधनों पर बढ़ाई निर्भरता
ओर्बन ने कई बार शिकायत की है कि यूक्रेन ने एक रूसी पाइपलाइन के जरिए उसकी तेल सप्लाई रोक दी है, जो यूक्रेन के इलाके से होकर गुजरती है. हंगरी के प्रधानमंत्री ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने चेतावनी दी कि मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से एक गंभीर ऊर्जा संकट नज़दीक आ रहा है, जो दिन-ब-दिन और तेज होता जा रहा है. उन्होंने मांग की है कि यूरोपीय संघ रूस से ऊर्जा के आयात पर लगे प्रतिबंधों को हटा ले. हंगरी ने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों से मिली अपनी छूट का इस्तेमाल करके रूस के जीवाश्म ईंधनों पर अपनी निर्भरता और बढ़ा ली है. विस्फोटक सामग्री मिलने की चौंकाने वाली खबर सामने आने के बाद ओर्बन की सरकार के सदस्यों ने यह इशारा करना शुरू कर दिया कि इस साजिश के लिए यूक्रेन ही जिम्मेदार है.
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