हैदराबाद भागने की फिराक में थी निदा खान, कैसे पुलिस की जाल में फंसी? AIMIM नेता का मोबाइल जब्त
महाराष्ट्र के नासिक में TCS की महिला कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और मानसिक प्रताड़ना मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है और अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस के अनुसार, निदा खान को पनाह देने के आरोप में AIMIM के पार्षद मतीन पटेल को भी सहआरोपी बनाया गया है.
AIMIM नेता मतीन पटेल पर कसा शिकंजा
पुलिस ने मतीन पटेल का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसके कॉल डिटेल्स की गहन जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि निदा खान और मतीन पटेल के बीच किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन हुआ था या नहीं. इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि निदा खान को शरण देने के दौरान क्या मतीन पटेल ने AIMIM के किसी वरिष्ठ नेता से संपर्क किया था.
सूत्रों के मुताबिक, फरार चल रही निदा खान को पकड़ने के लिए पुलिस ने बेहद गोपनीय तरीके से ऑपरेशन चलाया. करीब दस दिन पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अपनी मां, भाई और मौसी के साथ छत्रपति संभाजीनगर में छिपकर रह रही है. इसके बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से इलाके में निगरानी तेज कर दी.
हैदराबाद भागने की तैयारी में थी निदा
महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने लगातार छह दिनों तक गुप्त रूप से इलाके में नजर रखी और निदा खान की गतिविधियों पर बारीकी से निगरानी की. पुलिस ने पूरी प्लानिंग से जाल बिछाकर आखिरकार उसे हिरासत में ले लिया. पुलिस सूत्रों का दावा है कि अगर निदा खान संभाजीनगर से निकलने में सफल हो जाती तो वह सीधे हैदराबाद भागने की तैयारी में थी. हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसकी योजना को विफल कर दिया.
नासिक स्थित TCS से जुड़ी कई महिला कर्मचारियों ने यौन शोषण, धार्मिक भावनाएं आहत करने, जबरन धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. मामले ने राज्यभर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है. अब पुलिस की आगे की जांच में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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