दिल्ली में संजय राउत के आवास पर शिवसेना नेताओं की बैठक, व्हिप के बावजूद 4 सांसद ही पहुंचे

ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के बीच शिवसेना नेता संजय राउत के घर पर अहम बैठक हो रही है। इस बैठक में चार सांसद पहुंचे हैं। व्हिप जारी होने के बावजूद शिवसेना के यूबीटी के 9 सांसदों में से 5 गायब हैं। संजय राउत, अरविंद सावंत, राजा भाऊ बाजे और अनिल देसाई बैठक में शामिल हैं। बैठक के बाद संजय राउत प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। गुरुवार सुबह उद्धव ठाकरे गुट के सांसद अरविंद सावंत दिल्ली स्थित अपने आवास से निकले और संजय राउत के आवास पहुंचे। इस बैठक में आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हो रही है। इस बीच संजय राउत ने एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी पर निशाना साधा है और कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र जैसे राज्य की जो हालत की है, उसके लिए इतिहास भाजपा को कभी माफ नहीं करेगा।

शिवसेना यूबीटी गुट के पास फिलहाल 9 सांसद हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि इनमें से 6 पाला बदल सकते हैं। शिवसेना में कुछ साल पहले ही फूट हुई थी, जब एकनाथ शिंदे ने कई विधायकों को अपने साथ लिया था और बगावत कर दी थी। शिंदे ने बीजेपी के समर्थन से सरकार भी बना ली थी। बाद में शिवसेना का असली नाम और झंडा भी उन्हें मिल गया। ऐसे में उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी का नाम शिवसेना यूबीटी रखना पड़ा था।

सांसदों को व्हिप जारी

शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद संजय राउत ने कहा है कि पार्टी ने आज सुबह 11 बजे संसदीय दल की बैठक बुलाई है। इसके लिए सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है और यह व्हिप सभी सांसदों तक पहुंचा दिया गया है। संजय राउत ने कहा, “कितने सांसद बैठक में आएंगे और कितने नहीं आएंगे, यह हम अभी नहीं बता सकते। लेकिन एक संवैधानिक और संगठनात्मक प्रक्रिया होती है, उसका हम पालन कर रहे हैं। जो सांसद आज की बैठक में शामिल नहीं होंगे, उनके खिलाफ पार्टी की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” राउत के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने और संभावित टूट की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में आज की संसदीय दल की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

बैठक में नहीं शामिल होने पर हो सकते हैं निष्कासित

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत और अरविंद सावंत ने कहा है कि पार्टी द्वारा जारी तीन लाइन के व्हिप के बावजूद जो सांसद आज की संसदीय दल की बैठक में उपस्थित नहीं होंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और उनका निष्कासन भी संभव है। इस संदर्भ में दोनों नेताओं ने शरद यादव का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि शरद यादव एक विरोधी दल के मंच पर गए थे और वहां भाषण दिया था। उस समय संसद का सत्र भी नहीं चल रहा था और कोई व्हिप भी जारी नहीं हुआ था। इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी, जिसे तत्कालीन राज्यसभा सभापति ने स्वीकार किया था और उनकी सदस्यता समाप्त हो गई थी।

शिवसेना यूबीटी सांसद संजय देशमुख को धमकी

शिवसेना यूबीटी के एक स्थानीय पदाधिकारी ने बुधवार को यवतमाल-वाशिम से लोकसभा सदस्य संजय देशमुख को कथित धमकी दी। पदाधिकारी ने कहा कि अगर देशमुख संसदीय सीट से इस्तीफा दिए बिना अपनी निष्ठा बदलते हैं, तो उन्हें अपने चुनाव क्षेत्र में वापस नहीं आना चाहिए। ऐसी अटकलें हैं कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के कई सांसद पाला बदलने वाले हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में शिवसेना(उबाठा) के स्थानीय नेता विजय शेंडगे यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि अगर देशमुख ने सांसद पद से इस्तीफा दिए बिना पाला बदला, तो उन्हें वासिम वापस नहीं आना चाहिए, वरना उनकी कार जला दी जाएगी। 

वायरल वीडियो में दी धमकी

शिवसेना नेता शेंडगे ने कहा, ''अगर वह एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होना चाहते हैं, तो खुशी-खुशी जा सकते हैं, लेकिन वहां जाने से पहले उन्हें सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। क्योंकि उन्हें संसद के लिए उन शिव सैनिकों की कोशिशों से चुना गया था जो (एकनाथ) शिंदे गुट के उम्मीदवार के खिलाफ लड़ रहे थे। हमने उन्हें चुनने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी, और अगर वह अब हमारे साथ धोखा करते हैं, तो उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।'' शेंडगे ने संपर्क करने पर पुष्टि की कि उन्होंने देशमुख को चेतावनी देने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने कहा, ''अगर वह जाना चाहते हैं, तो जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इस्तीफा देना होगा।''