सोनम रघुवंशी की जमानत से राजा के परिवार वाले खुश नहीं, रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाएंगे गुहार
इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले साल हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या उसकी पत्नी सोनम ने कर दी थी। हाल ही में मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम की जमानत को सही ठहराया है। इस फैसले से नाराज होकर राजा रघुवंशी के परिवार ने कहा है कि वे सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
सोनम की जमानत का विरोध
सोमवार को मेघालय हाई कोर्ट ने सरकारी वकील की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें सोनम की जमानत का विरोध किया गया था। कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को सही माना, जिसने 27 अप्रैल को सोनम को जमानत दी थी। राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि वे इस फैसले के खिलाफ जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।
राजा का परिवार इस बात से दुखी है कि सरकारी वकीलों ने इस केस को ठीक से नहीं संभाला। इसलिए अब वे सरकारी वकीलों के भरोसे बैठने के बजाय, अपने पैसे से एक प्राइवेट वकील रखेंगे और खुद यह लड़ाई लड़ेंगे। राजा के बड़े भाई विपिन ने कहा कि वह अभी तक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि मेघालय पुलिस ने सोनम को हिरासत में लेते समय गिरफ्तारी के आधार की जानकारी न देकर इतनी बड़ी कानूनी चूक कैसे की।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
सोमवार को दिए अपने आदेश में मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम को उसकी गिरफ्तारी के आधारों के बारे में सूचित करने में पुलिस की गंभीर गलतियों की ओर इशारा किया। अदालत ने कहा, "यदि गिरफ्तारी के आधार की जानकारी इस तरह से दी जाती है, तो यह गिरफ्तारी करने वाली एजेंसी की ओर से विवेकपूर्ण दिमाग के पूरी तरह से इस्तेमाल न होने को दर्शाता है। यह किसी आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया की जड़ पर प्रहार करता है, जिससे यह अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि आरोपी के पास यह तर्क देने का मजबूत आधार है कि गिरफ्तारी के शुरुआती चरण में उसे कभी भी ऐसे प्रभावी आधार नहीं बताए गए थे।"
अदालत ने आगे कहा कि इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन किया गया है। अनुच्छेद 22(1) गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी का आधार जानने और अपनी पसंद के वकील से परामर्श करने का अधिकार देता है, जबकि धारा 47(1) के तहत पुलिस के लिए गिरफ्तारी के समय आरोपी को आरोपों और गिरफ्तारी के आधारों के बारे में सूचित करना अनिवार्य है।
मामला क्या था?
शादी के बाद राजा और सोनम पिछले साल मई में हनीमून के लिए मेघालय गए थे। वहां अचानक सोनम लापता हो गई और कुछ दिनों बाद राजा की लाश एक गहरी खाई में मिली। पुलिस जांच में पता चला कि सोनम ने ही अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। वह करीब 10 महीने जेल में रही और अब जमानत पर बाहर है।
