पीएम मोदी से मिले रोल्स-रॉयस के सीईओ, रक्षा और एविएशन सहयोग को मिल सकती है नई रफ्तार

लग्जरी कार निर्माता कंपनी रोल्स-रॉयस ने कहा है कि वह भारत में अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती है। कंपनी रक्षा, नागरिक एविएशन और ऊर्जा क्षेत्र में नए कार्यक्रमों और साझेदारियों के जरिए अपनी उपस्थिति मजबूत करने की योजना बना रही है।

लड़ाकू जेट इंजन के सह-विकास की संभावना

कंपनी अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के इंजन के सह-विकास की संभावनाएं तलाश रही है। रोल्स-रॉयस और ब्रिटेन सरकार ने 120 kN क्षमता वाले लड़ाकू जेट इंजन को संयुक्त रूप से विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। इसे भारत के लिए स्वदेशी अगली पीढ़ी का इंजन विकसित करने की दिशा में तेज रास्ता माना जा रहा है।

कंपनी के अनुसार, इस सह-विकास के तहत भारत को पूर्ण टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकार मिलेंगे। इसके लिए भारत में डिजाइन और निर्माण की विशेष सुविधा स्थापित की जाएगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

तीनों सेनाओं के लिए ‘मेक इन इंडिया’ पर फोकस

रोल्स-रॉयस भारतीय सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के लिए इंजन निर्माण भारत में ही करने पर विचार कर रही है। कंपनी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और उद्योगों के लिए पावर सॉल्यूशन उपलब्ध कराने की भी योजना बना रही है। इन पहलों के चलते भारत में रोल्स-रॉयस और उसके साझेदारों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या दोगुनी होकर लगभग 10,000 तक पहुंच सकती है।

एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा

कंपनी का अनुमान है कि वह भारत से अपनी सप्लाई चेन के लिए खरीद को 10 गुना तक बढ़ा सकती है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सीईओ ‘तुफान एरगिनबिलगिक’ का बयान 

रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एरगिनबिलगिक ने कहा कि कंपनी भारत की ‘आत्मनिर्भर’ यात्रा में साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रक्षा, एविएशन और ऊर्जा कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाने के साथ कंपनी भारत में अपना नेटवर्क भी मजबूत करेगी।

कंपनी के मुताबिक, वर्तमान में भारत में 1,400 से अधिक रोल्स-रॉयस इंजन विभिन्न रक्षा प्लेटफॉर्म में उपयोग हो रहे हैं। इनमें वायुसेना और नौसेना के जगुआर व हॉक विमान, सेना के अर्जुन टैंक और नौसेना व तटरक्षक बल के कई जहाज और पनडुब्बियां शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोल्स-रॉयस के सीईओ से की मुलाकात

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोल्स-रॉयस के सीईओ से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कंपनी के भारत में काम विस्तार और युवाओं के साथ साझेदारी के उत्साह का स्वागत किया।