किन महिलाओं को नहीं करना चाहिए पपीते का सेवन, यहां जानें
पपीते में विटामिन C भरपूर होता है। विटामिन C का अत्यधिक सेवन शरीर में 'ऑक्सालेट' के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे किडनी में पथरी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
कच्चा या अधपका पपीते में लेटेक्स और पेपेन अधिक मात्रा में होती है। पेपेन शरीर में 'प्रोस्टाग्लैंडीन' और 'ऑक्सीटोसिन' की तरह काम कर सकता है, जो गर्भाशय के संकुचन को बढ़ा सकता है। इससे गर्भपात या समय से पहले प्रसव का खतरा रहता है। पूरी तरह पका हुआ पपीता कम खतरनाक माना जाता है, लेकिन फिर भी डॉक्टर गर्भावस्था में इसे न खाने की सलाह देते हैं।
अगर कोई महिला पहले से ही लो ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रही है, तो पपीता इसका स्तर और भी कम कर सकता है। इससे चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो सकती है।
जिन महिलाओं को 'लेटेक्स' से एलर्जी होती है, उन्हें पपीते से भी एलर्जी होने की संभावना रहती है। इसे Latex-fruit syndrome कहते हैं। इसके लक्षणों में सूजन, खुजली, सिरदर्द या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
स्तनपान के दौरान कच्चा पपीता खाने से बचना चाहिए। क्योंकि कई बार यह शिशु में पाचन संबंधी समस्या या एलर्जी पैदा कर सकता है। इसलिए इसे आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
