पुराने दौर की सादगी के साथ VIROSH करेंगे नए सफर की शुरुआत, बाकी सितारों से जुदा है रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी का थीम

उदयपुर की अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित 'मेमेंटोस बाय आईटीसी' (एकाया) में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी का काउंटडाउन अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। वह घड़ी बेहद करीब आ गई है जब यह पावर कपल सात फेरे लेकर हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लेगा। प्रशंसकों का लंबा इंतजार बस अब कुछ ही क्षणों में खत्म होने वाला है। पिछले कुछ दिनों से चल रहे इस शाही उत्सव की कई दिलकश झलकियां पहले ही सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। 'विरोश प्रीमियर लीग' के रोमांचक मुकाबले, पूल पार्टी की मस्ती और हल्दी की रस्मों के बाद, संगीत सेरेमनी की तस्वीरें सामने आईं। अब दोनों की शादी का थीम भी सामने आया है, जो काफी खास और बाकी सितारों की शादी से बिल्कुल अलग है। इस थईम ट्रेडिशन की झलक साफ देखने को मिलने वाली है।

क्या है शादी का थीम?

रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी को लेकर बताया जा रहा है कि यह एक खास प्राइमल थीम पर आधारित होगी। ‘प्राइमल’ का अर्थ है मूल, आदिम या वह जो शुरुआत से जुड़ा हो यानी जड़ों की ओर लौटना। इस थीम में शादी को उसी सादगी और पवित्रता के साथ रचा जाएगा, जैसे दशकों पहले विवाह होते थे, जब दिखावे से ज्यादा महत्व परंपराओं, रीति-रिवाजों और भावनाओं को दिया जाता था। सूत्रों के मुताबिक यह विवाह उसी विचार पर आधारित होगा जहां से सृष्टि का निर्माण हुआ यानी प्रकृति, पंचतत्व और जीवन की मूल ऊर्जा को केंद्र में रखकर। सजावट में प्राकृतिक रंग, मिट्टी, लकड़ी, फूलों और पारंपरिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। हर रस्म को उसके असली स्वरूप में निभाया जाएगा, ताकि शादी में पुरातन भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे। इस प्राइमल थीम के जरिए रश्मिका और विजय अपनी नई जिंदगी की शुरुआत सादगी, आध्यात्मिकता और जड़ों से जुड़ाव के साथ करना चाहते हैं। यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि उस मूल भावना का उत्सव होगा, जहां रिश्ते दिखावे से नहीं, बल्कि विश्वास, संस्कार और प्रकृति के साक्षी में जुड़ते हैं।

संगीत में भी फॉलो किया गया ट्रेडिशन

बता दें, शादी से पहले विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की संगीत सेरेमनी केवल नाच-गाने और चकाचौंध तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गहरे पारिवारिक मूल्यों और स्नेह की भी गवाह बनी। मंगलवार रात आयोजित इस जश्न के दौरान एक बेहद भावुक पल तब आया, जब विजय की मां, माधवी देवरकोंडा ने अपनी होने वाली बहू रश्मिका को एक बेशकीमती पारिवारिक भेंट दी। रिपोर्ट के अनुसार माधवी देवरकोंडा ने एक खास परंपरा को निभाते हुए रश्मिका को पारंपरिक चूड़ियां उपहार में दीं। परिवार के करीबी सूत्रों का कहना है कि ये चूड़ियां केवल आभूषण नहीं, बल्कि रश्मिका का परिवार में पूरे दिल से स्वागत, अटूट प्यार और देवरकोंडा खानदान की विरासत सौंपने का एक प्रतीक हैं। ग्लैमर और सुर्खियों के बीच मां और बहू का यह खूबसूरत तालमेल प्रशंसकों का दिल जीत रहा है। यह सादगी भरा कदम दर्शाता है कि रश्मिका और विजय का यह रिश्ता न केवल दो सितारों का मिलन है, बल्कि दो परिवारों का एक भावनात्मक जुड़ाव भी है।