JNU हिंसा के सबूत बने वीडियो, पुलिस को थप्पड़ मारते, डंडा फेंकते नजर आए छात्र; JNUSU अध्यक्ष समेत 14 गिरफ्तार
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। यूनिवर्सिटी परिसर और उसके बाहर हुए भारी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उन वीडियो साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जिनमें छात्र पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों के साथ हिंसक व्यवहार करते नजर आ रहे हैं।
दीवार पर चढ़कर छात्रों को उकसाया
आरोप है की वीडियो में JNUSU से जुड़े छात्र स्टूडेंट्स को पुलिस के खिलाफ इक्ट्ठा करते, पुलिस को थप्पड़ मारते और सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज और डंडा फेंकते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया और जांच के दायरे में आए वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्र कानून-व्यवस्था को हाथ में लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में हंगामे देखा जा सकता है।
वीडियो में श्रेय नाम का छात्र पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारता हुआ दिखाई दे रहा है। पीएचडी छात्र नीतीश कुमार JNU की दीवार पर चढ़कर छात्रों को उकसाता नजर आ रहा है। साथ ही, पुलिस को सबक सिखाने की बात करता नजर आ रहा है। वीडियो में छात्र कैंपस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को गालियां देते और RAF के जवानों पर डंडे फेंकते हुए दिख रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, 14 गिरफ्तार
वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने के बाद दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज नॉर्थ थाना में FIR दर्ज की है। पुलिस ने अब तक 14 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) की पूरी शीर्ष लीडरशिप शामिल है:-
- अदिति मिश्रा (अध्यक्ष, JNUSU)
- नीतीश कुमार (पूर्व अध्यक्ष)
- गोपिका बाबू (सचिव)
- दानिश अली (संयुक्त सचिव)
- इनके अलावा 10 अन्य छात्रों की भी गिरफ्तारी हुई है।
कोर्ट में आरोपियों की पेशी
JNU मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 14 आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू प्रोटेस्ट केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। दिल्ली पुलिस की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों की न्यायिक हिरासत आवश्यक है।
वहीं, आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि सभी आरोपी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और इस संबंध में वे अदालत को लिखित आश्वासन देने को भी तैयार हैं। सुनवाई के दौरान एक महिला छात्रा ने आरोप लगाया कि 4-5 बिना यूनिफॉर्म पहने लोगों ने उसे भीड़ से जबरन खींच लिया, जिससे उसके हाथ पर चोट आई और खून के थक्के बन गए हैं।
