डायबिटीज मरीजों को कितने समय में कराना चाहिए HbA1c टेस्ट?

डायबिटीज के मरीजों को शुगर लेवल कंट्रोल करना जरूरी होता है. शुगर लेवल की जांच के लिए खाली पेट और खाने के बाद शुगर टेस्ट भी होता है. आमतौर पर लोग इन टेस्ट को करा लेते हैं या घर पर ही कर लेते हैं. लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों को अपना HbA1c भी जरूर कराना चाहिए. इसी टेस्ट को डायबिटीज को मॉनिटर करने का सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है. इसकी मदद से बीते 2 से 3 महीने का शुगर लेवल का औसत पता चलता है. ये टेस्ट कब और कितने महीनों में कराना चाहिए इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.

HbA1c टेस्ट को मेडिकल की भाषा में ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट कहते हैं. यह टेस्ट एक दो दिन के शुगर लेवल की नहीं बल्कि महीनों की जानकारी देता है. इसकी मदद से शुगर लेवल का औसत से लेकर डायबिटीज को किस स्तर पर और कितना कंट्रोल करना जरूरी है इस बात की जानकारी भी मिल जाती है. इसलिए डॉक्टर सिर्फ एक दिन की रिपोर्ट पर भरोसा करने की बजाय HbA1c टेस्ट को भी कराना जरूरी समझते हैं. डायबिटीज के मरीजों को ये टेस्ट समय- समय पर कराते रहना चाहिए.

कितने समय में कराना चाहिए HbA1c टेस्ट

इस टेस्ट को कितने समय में करा लेना चाहिए इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन और डायबिटीज फाउंडेशन ने दिशा- निर्देश जारी किए हुए हैं. इसके मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों को हर 3 महीने में एक बार HbA1c टेस्ट कराना चाहिए. डायबिटीज के जिन मरीजों में शुगर लेवल अकसर कंट्रोल में न रहता हो, जिनका लाइफस्टाइल बिगड़ा हुआ है. उनको तो तीन महीने में जरूर ये टेस्ट करा लेना चाहिए, हालांकि जिनका शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है उनको 6 से 7 महीने में एक बार ये टेस्ट कराना चाहिए.

HbA1c का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए?

5.7% से कम : नॉर्मल

5.7% से 6.4% – प्रीडायबिटीज का लेवल

6.5% या उससे ज्यादा डायबिटीज की बीमारी

शुगर लेवल को कंट्रोल में कैसे रखें

खानपान का ध्यान रखें

रोज एक्सरसाइज करें

मानसिक तनाव न लें

अधिक मीठा खाने से बचें

वजन बढ़ रहा है तो कंट्रोल में रखें

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