आपके लिए विकास से ज्यादा त्योहार जरूरी, सुप्रीम कोर्ट की ममता सरकार को फटकार, कहा- हम बहाना नहीं देंगे
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाई है. ये कोलकाता में मेट्रो रेल परियोजना का राजनीतिकरण करने और उसे रोकने के लिए फटकार लगाई गई है. सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि आपने हाई कोर्ट में कहा था कि हमें त्योहारों का आयोजन करना है. उन्होंने कहा कि इसलिए हम निर्माण कार्य के लिए पुलिस सहायता नहीं दे सकते हैं. आपके लिए त्योहार विकास से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.
उन्होंने कहा कि हम लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकार को यह पसंद नहीं करते कि वह हमारे दरवाजे पर आकर कहे कि कृपया आकर हमारी मदद करें. यह परियोजना राष्ट्रीय परिषद की घोषणा से पहले ही घोषित कर दी गई थी. हम आपको इसे विकास रोकने का एक और बहाना नहीं बनाने देंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें ये बिल्कुल पसंद नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किया कि यह केवल अधिकारियों के हठधर्मी रवैये को दर्शाता है. इसके तहत वे कोलकाता शहर में मेट्रो रेल परियोजना में देरी और उसे रोकना चाहते हैं. हाईकोर्ट की ओर से पारित आदेश में कोई खामी नहीं थी, हमें विश्वास है कि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो जाएगी. कोर्ट ने कहा कि हमें यह बिल्कुल पसंद नहीं है कि राज्य सरकार हमारे दरवाजे पर आकर कहे कि कृपया आइए और हमें बचाइए.
उन्होंने कहा कि हर चीज का राजनीतिकरण न करें. यह विकास से जुड़ा मुद्दा है. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने यह टिप्पणी की. राज्य सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा और जरूरी सेवाओं से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए अपने पक्ष का बचाव किया. सरकार ने बताया कि एम्बुलेंस और अंग प्रत्यारोपण वाले वाहन अक्सर इस प्रभावित कॉरिडोर का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उसे ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए और समय चाहिए. हालांकि, बेंच इससे संतुष्ट नहीं हुई. चीफ जस्टिस ने कहा कि राज्य के अधिकारियों की तरफ से गंभीर चूक होने के बावजूद, हाई कोर्ट ने काफी संयम दिखाया है.
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