ट्रंप के चीन जाने की तारीख भी आ गई, लेकिन अबतक नहीं हुआ ईरान से समझौता, क्या बीजिंग से निकलेगा रास्ता?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अभी तक खत्म नहीं हो पाया है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे की तारीख सामने आई है. चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन में रहेंगे और इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बीजिंग में होगी. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ट्रंप और जिनपिंग की यह बैठक ईरान संकट को सुलझाने में कोई नई राह निकाल पाएगी.
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप इस बैठक में चीन पर ईरान और रूस को मिल रही मदद रोकने का दबाव बनाएंगे. अमेरिका का आरोप है कि चीन ऐसे सामान और तकनीक दे रहा है, जिनका इस्तेमाल सैन्य कामों में भी हो सकता है. अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप पहले भी शी जिनपिंग के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर चुके हैं और इस बार की मुलाकात में भी यह अहम मुद्दा होगा.
अरागची का बीजिंग दौरा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची 6 मई को बीजिंग पहुंचे थे. यहां उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी. इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या चीन शांति समझौते में क्या भूमिका निभा सकता है. विदेश मंत्री वांग ने अराघची के साथ अपनी बैठक में शांति वार्ता में मदद करने और मिडिल ईस्ट में शांति बहाल करने में बड़ी भूमिका निभाने का वादा किया था.
40 दिन चले अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान चीन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की थी. साथ ही अमेरिका की आलोचना भी की थी. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 5 मई को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ ढीली करने के लिए दबाव डालेगा. लेकिन यह सवाल अलग है कि दोनों पक्षों के बीच शांति की पहल के लिए बीजिंग कितना दबाव डालने को तैयार है. क्योंकि जिनपिंग चीन को अमेरिका के विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं.
US ने चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए
कुछ दिन पहले ही दिनों में अमेरिका ने चीन की कुछ कंपनियों पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को चीन की तीन सैटेलाइट कंपनियों पर कार्रवाई की. अमेरिका का आरोप है कि इन कंपनियों ने ईरान को सैटेलाइट तस्वीरें और दूसरी तकनीकी सेवाएं दीं, जिनकी मदद से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना पर हमले किए गए.
ट्रंप चीन दौरे पर क्या करेंगे?
ट्रंप बुधवार को बीजिंग पहुंचेंगे. गुरुवार को उनकी और शी जिनपिंग की औपचारिक बैठक होगी. इसके बाद दोनों नेता टेंपल ऑफ हेवन का दौरा करेंगे और शाम को स्टेट डिनर में शामिल होंगे. शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच वर्किंग लंच होगा, जिसके बाद ट्रंप अमेरिका लौट जाएंगे. व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली के मुताबिक, इस यात्रा में एयरोस्पेस, एग्रीकल्चर और ऊर्जा से जुड़े समझौतों पर भी चर्चा होगी.
चीन की तरफ से बोइंग विमान और अमेरिकी सोयाबीन खरीदने पर बातचीत चल रही है. दोनों देश गैर-संवेदनशील सामानों के व्यापार के लिए एक ट्रेड बोर्ड और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक इन्वेस्टमेंट बोर्ड बनाने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि इस दौरे में किसी बड़े निवेश समझौते की संभावना कम है. अब नजर इस बात पर है कि बीजिंग में होने वाली यह बैठक ईरान संकट और अमेरिका-चीन संबंधों में कोई नई दिशा दे पाएगी या नहीं.
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