15 साल की उम्र में करते थे डिलीवरी बॉय की नौकरी, अब बने WhatsApp के ग्लोबल हेड; जानिए कुणाल शाह की सफलता की कहानी
कभी परिवार की आर्थिक मदद के लिए डिलीवरी बॉय का काम करने वाले कुणाल शाह आज दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के ग्लोबल हेड बन गए हैं। Meta के इस फैसले ने भारतीय स्टार्टअप जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। क्रेड के फाउंडर कुणाल शाह की यह यात्रा संघर्ष, मेहनत और अलग सोच की मिसाल मानी जा रही है।
कुणाल शाह का बचपन आसान नहीं था। उनके पिता का कारोबार बंद हो गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया। ऐसे समय में महज 14-15 साल की उम्र में उन्होंने कमाना शुरू कर दिया। डिलीवरी बॉय, डेटा एंट्री ऑपरेटर, मेहंदी कोन बेचने वाले, साइबर कैफे चलाने वाले और कंप्यूटर ट्यूटर जैसे कई छोटे-बड़े काम उन्होंने किए। कहा जाता है कि 16 साल की उम्र तक उन्होंने अपनी आर्थिक जरूरतें खुद पूरी करनी शुरू कर दी थीं।
फिलॉसफी के छात्र, MBA छोड़कर बने उद्यमी
कुणाल शाह ने मुंबई के विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी की पढ़ाई की। बाद में उन्होंने NMIMS में MBA में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। उनका मानना था कि किताबों से ज्यादा सीख वास्तविक जीवन के एक्सपीरिएंस से मिलती है। उन्होंने कई बार कहा है कि डिग्री से ज्यादा जरूरी सीखने की क्षमता और समस्या को समझने का नजरिया है।
फ्रीचार्ज से क्रेड तक का सफर
कुणाल शाह ने सबसे पहले डिजिटल पेमेंट स्टार्टअप फ्रीचार्ज की शुरुआत की। यह भारत के शुरुआती सफल फिनटेक स्टार्टअप्स में से एक बना। बाद में इसे एक्सेस बैंक ने खरीद लिया। इसके बाद 2018 में उन्होंने क्रेड की स्थापना की। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जो समय पर क्रेडिट कार्ड बिल भरने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड देता है। आज क्रेड के करोड़ों एक्टिव यूजर्स हैं और यह भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में गिनी जाती है।
व्हाट्सएप की कमान संभालेंगे कुणाल शाह
मेटा ने हाल ही में क्रेड में बड़ा निवेश किया है। इसके बाद कंपनी ने कुणाल शाह को व्हाट्सएप का ग्लोबल हेड नियुक्त करने की घोषणा की। मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कुणाल शाह ने क्रेड को भारत की सबसे महत्वपूर्ण टेक कंपनियों में से एक बनाया है और उनके पास वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता है। वह मौजूदा व्हाट्सएप प्रमुख विल कैथकार्ट की जगह लेंगे। हालांकि, कुणाल शाह क्रेड में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।
युवाओं के लिए प्रेरणा
कुणाल शाह की कहानी बताती है कि सफलता केवल बड़ी डिग्रियों से नहीं, बल्कि मेहनत, सीखने की इच्छा और नए विचारों से हासिल की जा सकती है। डिलीवरी बॉय से लेकर WhatsApp के ग्लोबल हेड बनने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में उन्हें आज सबसे सफल और दूरदर्शी उद्यमियों में गिना जाता है।
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