होमबायर्स से ठगी मामले में ED की 5 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 'कब्जा मिलने तक कोई EMI नहीं' का लालच देकर बेचे थे फ्लैट

होमबायर्स से ठगी मामले में ED ने आज (बुधवार को) बड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली-एनसीआर में 5 ठिकानों पर छापेमारी की। ED ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में 5 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई होमबायर्स से कथित ठगी और 'सबवेंशन स्कीम' के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़े तीन मामलों में की गई।

होमबायर्स से ठगी मामले में ED ने आज (बुधवार को) बड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली-एनसीआर में 5 ठिकानों पर छापेमारी की। ED ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में 5 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई होमबायर्स से कथित ठगी और 'सबवेंशन स्कीम' के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़े तीन मामलों में की गई।

PMLA के तहत दर्ज मामलों तहत ईडी का एक्शन

ED की जांच में सीएचडी डेवलपर्स लिमिटेड, नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड और मंजू जे होम्स (इंडिया) लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह जांच PMLA के तहत दर्ज मामलों के आधार पर चल रही है।

'नो ईएमआई टिल पजेशन' का झांसा देकर हुई ठगी

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, इन मामलों की शुरुआत सीबीआई की तरफ से दर्ज 3 एफआईआर के आधार पर हुई थी। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि बिल्डरों ने 'नो ईएमआई टिल पजेशन' जैसी सबवेंशन स्कीम का लालच देकर लोगों से फ्लैट बुक कराए। खरीदारों ने बैंकों से होम लोन लेकर फ्लैट खरीदे, लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।

होमबायर्स से मिले होम लोन का हुआ गलत इस्तेमाल

जांच एजेंसी का आरोप है कि होमबायर्स से मिले होम लोन और अन्य भुगतान की रकम को संबंधित परियोजनाओं में लगाने के बजाय दूसरे प्रोजेक्ट्स और अन्य कामों में इस्तेमाल किया गया। इससे बड़ी संख्या में खरीदारों को आर्थिक नुकसान हुआ। ED, अब छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। ईडी का कहना है कि इस मामले में दोषी चाहे जो भी हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। 

रेड के दौरान मिल सकते हैं बड़े सुराग

ईडी के अफसरों के मुताबिक, रेड के दौरान कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, बैंक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त मिलने की उम्मीद है। इनकी फॉरेंसिक जांच के माध्यम से यह मालूम किया जा सकता है कि होमबायर्स और निवेशकों से जुटाई गई रकम का प्रयोग किन-किन बैंक खातों और प्रोजेक्ट्स किया गया। ED, यह भी पड़ताल कर रही है कि इस कथित फ्रॉड में बिल्डर कंपनियों के अलावा किन अन्य लोगों या संस्थाओं का भी कोई रोल था या नहीं।