भुने चने में मिलने वाला औरामाइन कितना खरनाक है? डॉक्टर से जान लें इससे क्या होते हैं नुकासन
डॉ. हिमानी ने बताया कितना खतरनाक है औरामाइन
डॉ. हिमानी सर्बाधिकारी, एच.ओ.डी., डाइटेटिक्स, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मॉडल टाउन, दिल्ली का कहना है कि भुने हुई चने में ऑरामाइन की मिलावट पाई जा रही है। लेकिन यह केवल चना तक सीमित नहीं है बल्कि किसी भी पीली दाल में ऑरामिन मिलाया जा सकता है। ऑरामाइन एक रंग (डाई) है, जिसका प्रयोग फूड इंडस्ट्री में प्रतिबंधित है, क्योंकि इसमें कई तरह के रासायनिक एसिड होते हैं, जो शरीर में कैंसर को बढ़ावा देते हैं। यह विशेष रूप से लिवर कैंसर, किडनी संबंधी रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस के जोखिम को बढ़ाता है। दूसरी चिंता यह है कि जब आप इसे अनजाने में खा लेते हैं, तो यह ब्लड में घुलकर सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर करता है, जिससे लगातार थकान, चक्कर आना, मितली, और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती है।
भुना चना स्वाभाविक रूप से छोटी और हल्की मैट होती है। लेकिन यदि दाल को कृत्रिम रूप से रंगा गया हो, तो उस पर एक चमकदार, ग्लॉसी परत दिखती है बिल्कुल वैसे जैसे रंगे हुए कपड़े पर चमक होती है। यदि चना बहुत चमकीली दिखाई दे, तो उसमें रंग की मिलावट की गई हो सकती है। दूसरा तरीका है की थोड़ा भुना चना एक गिलास पानी में डालें। 5–10 मिनट बाद देखें कि क्या पानी पीला हो रहा है। यदि पानी में रंग छूटता है, तो यह संकेत है कि दाल में कृत्रिम रंग मिलाया गया है, जो ऑरामाइन हो सकता है। यदि पानी बिल्कुल साफ रहे, तो चना शुद्ध हो सकता है। रंगे हुए चना में वजन कम होता है। दाल को पानी में डालें, यदि दाल ऊपर तैरकर फिर नीचे बैठ जाए, तो यह सामान्य है। लेकिन यदि वह ऊपर ही तैरती रहे, तो मिलावट की आशंका रहती है। ऐसे में बाजार में भुने चने खरीदते समय ध्यान रखें की चना बहुत चमकीली या ग्लॉसी न हो।
डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आइएआरसी) औरामाइन को मनुष्यों में कैंसर पैदा करने की क्षमता वाला घोषित किया है। वहीं राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान को पत्र लिख इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। एफएसएसएआइ और खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिल्ली के बाजारों में बिकने वाले भुने चनों को लेकर अभियान शुरू कर दिया है, बताया गया कि विभिन्न बाजारों से 200 नमूने लिए गए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इनमें से 40 प्रतिशत में औरामाइन ओ की मौजूदगी पाई गई है।
