जिंदगीभर मजबूत फेफड़े चाहते हैं तो अपना लें ये 3 आदतें, सांसों पर कम होगा प्रदूषण का असर
नेस्थेसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्ट कुणाल सूद ने 3 ऐसी आदतें बताई हैं जिन्हें अपनाने से आप अपने फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बना सकते हैं। इसमें आपकी रोजाना की जाने वाली एक्टिविटी, अच्छी तरह सांस लेने की आदत और आंत-फेफड़े की धुरी को सहारा देना शामिल है। ये आदतें लंबे समय में फेफड़ों के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। जिससे फेफड़े बेहतर तरीके से काम कर सकें और आप स्वस्थ रह सकें।
फेफड़ों को मजबूत बनाने वाली आदतें
रोजाना कार्डियो करना- आपके दिल ही नहीं बल्कि फेफड़ों के लिए भी कार्डियो एक्सरसाइज अच्छी मानी जाती हैं। इससे दिल और फेफड़े दोनों मजबूत बनते हैं। आपको रोजाना 20 से 30 मिनट की पैदल वॉक, साइकिलिंग या हल्की जॉगिंग जरूर करनी चाहिए। इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, डायाफ्राम को मज़बूत बनाने और आपके सांस के रास्ते में फंसे बलगम और प्रदूषकों को साफ करने की प्रक्रिया में सुधार आता है।
सांस प्रशिक्षण- सांस लेना भी अपने आप में एक कला है। इसके लिए आपको नियमित रूप से सांस लेने का अभ्यास भी करते रहना चाहिए। ऐसा करने से ऑक्सीजन का स्तर नियंत्रित रहता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और रेस्पिरेटरी एफीसेंसी बढ़ती है। नाक से धीरे सांस लेना, गहरी सांसें लेना और यहां तक कि बेसिक बॉक्स ब्रीदिंग भी फेफड़ों का वॉल्यूम बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे तनाव या व्यायाम के दौरान CO2 टॉलरेंस में सुधार करने और सांस रिएक्टिविटी को कम करने में मदद मिलती है।
आंतों को रखें स्वस्थ- डॉक्टर सूद के अनुसार, हमारी आंत में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया (माइक्रोबायोम) सिर्फ खाना पचाने और मल त्याग में मदद नहीं करते, बल्कि शरीर के कई बड़े अंगों पर असर डालते हैं। इसमें फेफड़े भी शामिल हैं। आंत का माइक्रोबायोम हमारी सांस लेने की क्षमता और फेफड़ों की सेहत को मजबूत करता है। अगर आंत स्वस्थ है तो शरीर में सूजन कम होती है। जिससे सांस की नलियां (वायुमार्ग) लचीली और बेहतर काम करती हैं। आपको डाइट में ऐसे प्रोबायोटिक सप्लीमेंट शामिल करने चाहिए जो आंत और फेफड़ों के संबंध को मजबूत करने के लिए बनाए गए हैं।
