आगामी महानगरपालिका चुनाव के लिए महायुति का गठबंधन फार्मूला तैयार, नवी मुंबई पर फंसा पेंच, इन जगहों पर फ्रेंडली फाइट
गठबंधन में शामिल दलों के एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने की एक और बड़ी वजह यह भी कि कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का मौका मिले और बगावत की संभावनाओं को रोका जा सके। नवी मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर अब तक महायुति में कोई फैसला नहीं हो पाया है।
गठबंधन में चुनाव लड़ने पर जोर
महायुति ने तय किया है कि जितना संभव हो सके आगामी महानगर पालिका चुनाव गठबंधन में ही चुनाव लड़ा जाए, लेकिन जिन जगहों पर यह मुमकिन नहीं हो पाएगा वहां फ्रेंडली फाइट करने की भी तैयारी महायुति के तीनों दल कर रहें है।
महा विकास अघाड़ी में भी फूट
महायुति के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले गठबंधन में भी महानगरपालिका चुनाव को लेकर फूट दिख रही है। शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे) के मुखिया उद्धव ठाकरे ने पहले ही अलग चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए थे। इसके बाद भी अन्य दलों के नेताओं ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस और एनसीपी शरद पवार के नेता भी अगल-अलग चुनाव लड़ सकते हैं।
आदित्य ठाकरे ने महायुति में अंदरूनी कलह का दावा किया
आदित्य ठाकरे का कहना है कि महायुति में शामिल एक दल के 22 विधायक सीएम देवेंद्र फडणवीस के करीबी हो गए हैं और ये विधायक पाला बदलने के लिए तैयार हैं। आदित्य ठाकरे ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का नाम लिए बिना दावा किया, ‘‘सत्ता पक्ष की एक पार्टी है और दो गुट हैं। एक गुट के 22 विधायक मुख्यमंत्री के करीबी हो गए हैं। उनके पास अच्छा धन है और वे मुख्यमंत्री के इशारों पर नाचने लगे हैं।’’ उन्होंने विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि 22 विधायक "पाला बदलने को तैयार हैं।" वर्ली से विधायक ठाकरे ने कहा कि इन 22 विधायकों में से एक खुद को "उप-कप्तान" कहता है। उनका परोक्ष तौर पर इशारा उद्योग मंत्री उदय सामंत की ओर था।
