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पपीता की तासीर ठंडी होती है या गरम? जानें सर्दियों में इसका सेवन करना सही है या नहीं?

पपीता की तासीर ठंडी होती है या गरम?

आयुर्वेद के अनुसार, पपीते की तासीर गर्म होती है। यह स्वभाव से गर्म होने के कारण शरीर में गर्मी पैदा करता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है, जो पाचन क्रिया, लिवर और आंतों के लिए अच्छा माना जाता है। यह वात और कफ दोषों को शांत करने में सहायक होता है। पपीता विटामिन-सी (Vitamin C) से भरपूर होता है। ऐसे में इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसके सेवन से सर्दी-जुकाम का खतरा भी कम रहता है।

सर्दियों में पपीते का सेवन करना चाहिए या नहीं?

सर्दियों में पपीते का सेवन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। पपीते को सर्दियों के लिए एक अच्छा फल माना जाता है क्योंकि इसकी गर्म तासीर ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गरमाहट देने में मदद करती है।

सर्दियों में पपीता खाने के फायदे

पाचन में सुधार

सर्दियों में पाचन अक्सर धीमा हो जाता है, और पपीते में मौजूद एंजाइम और गर्म तासीर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और कब्ज से राहत दिलाती है।

इम्यूनिटी बूस्ट करे

यह विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो मौसमी बीमारियों, जैसे सर्दी-जुकाम और फ्लू से लड़ने में मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

डिटॉक्सिफिकेशन

यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में सहायता होता है।\

त्वचा और आंखें के लिए

यह विटामिन-ए से भरपूर होता है, जो सर्दियों में त्वचा को स्वस्थ और आंखों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।