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हार्ट अटैक के दर्द से तड़पता रहा युवक, पत्नी लगाती रही गुहार, किसी ने नहीं सुनी, हो गई मौत

अस्पताल में नहीं हुआ इलाज

मृतक की पहचान बनशंकरी थर्ड स्टेज के इत्तमाडु, बालाजी नगर निवासी वेंकटरमणन के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वेंकटरमणन को सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे घर पर अचानक सीने में तेज दर्द उठा, उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। तत्काल कोई एंबुलेंस या अन्य व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी पत्नी उन्हें बाइक पर लेकर अस्पताल निकली। सबसे पहले वे पास के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां कथित तौर पर डॉक्टर के उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर इलाज से इनकार कर दिया गया।

सड़क पर तड़पता रहा युवक, पत्नी लगाती रही गुहार

इसके बाद वे एक अन्य निजी अस्पताल पहुंचे, जहां ईसीजी में हल्का अटैक सामने आया। इसके बावजूद अस्पताल ने न तो आपातकालीन इलाज शुरू किया और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की। उन्हें श्री जयदेवा इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज ले जाने की सलाह दी गई। एंबुलेंस नहीं मिलने पर दंपति फिर बाइक से जयदेवा अस्पताल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद सड़क पर वेंकटरमणन दर्द से तड़पते रहे, जबकि उनकी पत्नी हाथ जोड़कर मदद मांगती रही। लेकिन कई मिनट तक किसी ने कोई मदद नहीं की।

परिवार ने कायम की मानवता की मिसाल

आखिरकार एक कैब चालक ने मानवता दिखाते हुए मदद की और वेंकटरमणन को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वेंकटरमणन पेशे से गैरेज मैकेनिक थे। उनकी शादी जनवरी 2020 में हुई थी। परिवार में उनकी पत्नी, पांच साल का बेटा और डेढ़ साल की बेटी हैं। वे अपनी मां के इकलौते पुत्र थे। इस गहरे दुख के बावजूद परिवार ने मानवता की मिसाल पेश की। वेंकटरमणन की मौत के बाद उनकी दोनों आंखें दान कर दी गईं, जिससे किसी और की दुनिया रोशन हो सके।