दशकों की वफादारी खत्म! कौन हैं वो बागी सांसद, जिन्होंने उद्धव ठाकरे की नींद उड़ा दी? जानिए बागी MPs से जुड़े हर सवाल का जवाब

उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT) में आज बड़ी टूट हो सकती है। आज दिल्ली में उद्धव ठाकरे की पार्टी के बागी सांसद एक नया गुट बनाकर स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। ये सांसद सुबह दिल्ली में श्रीकांत शिंदे के घर पर बैठक करेंगे। इस बैठक में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहेंगे।

उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसद संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भानुसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव का नाम पक्का माना जा रहा है। इस हलचल को देखते हुए उद्धव कैंप भी सतर्क हो गया है और उसने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि अलग गुट को मान्यता ना दी जाए। आइए जानते हैं उन सातों सांसदों के बारे में जिन्होंने उद्धव ठाकरे की चिंता बढ़ा दी है-

1. संजय दीना पाटिल

 

sanjay dina patil

 

संजय दीना पाटिल वर्तमान में मुंबई उत्तर-पूर्व (Mumbai North East) लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार मिहिर कोटेचा को हराकर जीत दर्ज की। 

प्रमुख जानकारी

पूरा नाम: संजय दीना पाटिल

जन्म: 16 जनवरी 1969, मुंबई
पार्टी: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र: मुंबई उत्तर-पूर्व
वर्तमान पद: सांसद, 18वीं लोकसभ

राजनीतिक सफर

  • 2004 में भांडुप विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
  • 2009 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के टिकट पर मुंबई उत्तर-पूर्व से लोकसभा सांसद बने।
  • 2019 में शिवसेना में शामिल हुए।
  • 2024 में शिवसेना (UBT) के उम्मीदवार के रूप में दोबारा लोकसभा पहुंचे। 
  • 2024 लोकसभा चुनाव- संजय दीना पाटिल ने मुंबई उत्तर-पूर्व सीट पर लगभग 29 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। यह सीट मुंबई की सबसे चर्चित और कांटे की लड़ाई वाली सीटों में से एक मानी गई थी। 

उद्धव ठाकरे के करीबी नेताओं में शामिल

शिवसेना विभाजन के बाद संजय दीना पाटिल उद्धव ठाकरे के साथ रहे और मुंबई में पार्टी के महत्वपूर्ण चेहरों में गिने जाते हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में मराठी मतदाताओं और स्थानीय संगठन पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। हाल के दिनों में "ऑपरेशन टाइगर" को लेकर उद्धव गुट के सांसदों के शिंदे गुट में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि संजय दीना पाटिल का नाम उन सांसदों में नहीं माना जा रहा है जिनके पार्टी छोड़ने की संभावना ज्यादा बताई जा रही हो। उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठकों में वे सक्रिय रहे हैं और पार्टी नेतृत्व के प्रति वफादार माने जाते हैं।

राजनीतिक महत्व

मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा सीट में मुलुंड, विक्रोली, भांडुप, घाटकोपर और मानखुर्द-शिवाजीनगर जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस सीट पर जीत को मुंबई की राजनीति में बड़ी उपलब्धि माना जाता है। मुंबई में उद्धव ठाकरे गुट के सबसे प्रभावशाली सांसदों में संजय दीना पाटिल का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

2. भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे 

 

भाऊसाहेब वाकचौरे
 

भाऊसाहेब वाकचौरे महाराष्ट्र की शिर्डी लोकसभा सीट से सांसद हैं और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

प्रमुख जानकारी

पूरा नाम: भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे
पार्टी: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र: शिर्डी (अहमदनगर)
वर्तमान पद: सांसद, 18वीं लोकसभा (2024-2029)

राजनीतिक सफर

  • भाऊसाहेब वाकचौरे का राजनीतिक आधार अहमदनगर जिले में रहा है।
  • वे पहले भी शिर्डी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
  • 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने महायुति उम्मीदवार को हराकर शिर्डी सीट उद्धव ठाकरे गुट के लिए जीती।

उद्धव के करीबी नेताओं में गिनती

शिवसेना में विभाजन के बाद भाऊसाहेब वाकचौरे उद्धव ठाकरे के साथ बने रहे। उन्हें संगठन में भरोसेमंद और जमीनी नेता माना जाता है। हाल ही में महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही कथित "ऑपरेशन टाइगर" चर्चाओं के बीच वाकचौरे के अचानक दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई गईं। हालांकि अब तक उन्होंने किसी भी तरह के राजनीतिक बदलाव या गुट परिवर्तन का संकेत नहीं दिया है।

संसद में भूमिका

भाऊसाहेब वाकचौरे किसानों, सिंचाई, सहकार, ग्रामीण विकास और शिर्डी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे संसद में उठाते रहे हैं। शिर्डी और अहमदनगर क्षेत्र में उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ मानी जाती है। वर्तमान में वे लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट के 9 सांसदों में से एक हैं और उत्तर महाराष्ट्र में पार्टी के महत्वपूर्ण चेहरों में गिने जाते हैं।

3. संजय (बंडू) जाधव

 

संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव)
 

संजय जाधव महाराष्ट्र के परभणी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।

प्रमुख जानकारी

पूरा नाम: संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव)
पार्टी: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र: परभणी, महाराष्ट्र
वर्तमान पद: सांसद (18वीं लोकसभा)
राजनीतिक क्षेत्र: मराठवाड़ा

राजनीतिक सफर

  • संजय जाधव लंबे समय से शिवसेना से जुड़े हुए हैं।
  • वे परभणी से लगातार कई बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।
  • मराठवाड़ा क्षेत्र में उन्हें उद्धव ठाकरे के भरोसेमंद नेताओं में माना जाता है।
  • 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने परभणी सीट बरकरार रखी।

संजय जाधव को उद्धव ठाकरे के सबसे वफादार सांसदों में से एक माना जाता है। शिवसेना में विभाजन के बाद भी वे उद्धव ठाकरे के साथ बने रहे और लगातार पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं। हालांकि हाल के दिनों में उद्धव गुट के कुछ सांसदों को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई गईं है। राजनीतिक जानकार उन्हें उद्धव गुट का मजबूत स्तंभ मानते हैं।

संसद में भूमिका

संजय जाधव लोकसभा में मराठवाड़ा के किसानों, सिंचाई, रोजगार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। पार्टी संगठन और संसदीय राजनीति दोनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वर्तमान में वे उद्धव ठाकरे गुट के उन प्रमुख सांसदों में शामिल हैं जिन पर पार्टी नेतृत्व को पूरा भरोसा है।

4. संजय उत्तमराव देशमुख

 

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संजय देशमुख वर्तमान में यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता हैं।

प्रमुख जानकारी

पूरा नाम: संजय उत्तमराव देशमुख
पार्टी: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र: यवतमाल-वाशिम, महाराष्ट्र
वर्तमान पद: सांसद (18वीं लोकसभा, 2024 से)

राजनीतिक सफर

  • संजय देशमुख का राजनीतिक आधार मुख्य रूप से यवतमाल जिले में रहा है।
  • वे पहले महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।
  • 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने यवतमाल-वाशिम सीट पर जीत दर्ज कर उद्धव ठाकरे गुट को विदर्भ में महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।

ऑपरेशन टाइगर में नाम क्यों चर्चा में?

हाल के दिनों में उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की राजनीतिक चर्चाओं के बीच संजय देशमुख का नाम भी चर्चाओं में लिया गया। हालांकि अब तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने या शिंदे गुट में जाने का कोई संकेत नहीं दिया है।

राजनीतिक महत्व

यवतमाल-वाशिम सीट विदर्भ की महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। 2024 में इस सीट पर मिली जीत उद्धव गुट के लिए रणनीतिक रूप से अहम थी। इसलिए संजय देशमुख का राजनीतिक रुख महाराष्ट्र की मौजूदा शिवसेना राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है।

संसद में स्थिति

संजय देशमुख उन 9 लोकसभा सांसदों में शामिल हैं जो वर्तमान में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में संजय देशमुख की गतिविधियों पर भी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजर बनी हुई है।

5. नागेश पाटील आष्टीकर

 

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ये नांदेड़ हिंगोली लोकसभा सीट से उद्धव ठाकरे गुट के सांसद हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों कथित "ऑपरेशन टाइगर" को लेकर चर्चाएं तेज हैं। यह शब्द उस संभावित राजनीतिक कवायद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके तहत उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना UBT) के कुछ सांसदों और नेताओं को शिंदे गुट में लाने की कोशिशों की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे समय में नागेश आष्टीकर का नाम भी चर्चा में आया है।

क्यों बढ़ीं अटकलें?

हाल के महीनों में उनकी मुलाकात एकनाथ शिंदे से होने की खबरें सामने आई थीं।
दिल्ली और मुंबई में कुछ राजनीतिक बैठकों में उनकी मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हुई।
उद्धव गुट के कुछ सांसदों के शिंदे गुट के नेताओं के संपर्क में होने की खबरों के बीच उनका नाम भी राजनीतिक गलियारों में लिया जाने लगा।

नागेश आष्टीकर का रुख

हालांकि नागेश पाटील आष्टीकर ने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा है कि वे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के साथ हैं और पार्टी छोड़ने का कोई सवाल नहीं है। हिंगोली लोकसभा सीट मराठवाड़ा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में नागेश आष्टीकर की जीत ने उद्धव ठाकरे गुट को मराठवाड़ा में राजनीतिक मजबूती दी थी। ऐसे में यदि किसी भी तरह के दल-बदल की चर्चा होती है तो उसका राजनीतिक महत्व बढ़ जाता है।

प्रमुख जानकारी

लोकसभा क्षेत्र: हिंगोली (महाराष्ट्र)
पार्टी: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
वर्तमान पद: सांसद, 18वीं लोकसभा (2024-2029)
पूर्व पद: हदगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक

राजनीतिक सफर

  • शिवसेना संगठन में तालुका प्रमुख और जिला स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
  • 2014 में हदगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
  • 2024 लोकसभा चुनाव में हिंगोली सीट से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे।

वर्तमान राजनीतिक चर्चा

महाराष्ट्र में चल रही कथित "ऑपरेशन टाइगर" की चर्चाओं के बीच नागेश आष्टीकर का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में रहा है। कुछ रिपोर्टों में उनके शिंदे गुट के नेताओं के संपर्क में होने की अटकलें लगाई गईं, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर विश्वास जताया है और पार्टी के साथ रहने की बात कही है।

राजनीतिक महत्व

हिंगोली लोकसभा सीट मराठवाड़ा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटों में मानी जाती है। नागेश आष्टीकर को क्षेत्र में मजबूत जनाधार वाला नेता माना जाता है और वे किसानों, सिंचाई, रोजगार तथा ग्रामीण विकास के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। वर्तमान में वे लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट के 9 सांसदों में शामिल हैं और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी भूमिका पर राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर बनी हुई है।

6. ओमराजे निंबालकर

 

ओमराजे निंबालकर
 

ओमराजे निंबालकर महाराष्ट्र के धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

प्रमुख जानकारी

पूरा नाम: ओमप्रकाश राजेनिंबाळकर (ओमराजे निंबाळकर)
पार्टी: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र: धाराशिव (उस्मानाबाद), महाराष्ट्र
वर्तमान पद: सांसद, 18वीं लोकसभा

राजनीतिक सफर

  • ओमराजे निंबालकर मराठवाड़ा क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
  • वे पहले जिला परिषद और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे।
  • 2019 में पहली बार उस्मानाबाद (अब धाराशिव) से लोकसभा सांसद चुने गए।
  • 2024 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचे।
  • 2024 लोकसभा चुनाव
  • 2024 के चुनाव में उन्होंने महायुति उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अर्चना पाटिल को हराकर सीट बरकरार रखी। यह मुकाबला मराठवाड़ा के सबसे चर्चित चुनावों में शामिल था।
  • शिवसेना में विभाजन के बाद ओमराजे निंबाळकर उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्हें मराठवाड़ा में उद्धव गुट का मजबूत चेहरा माना जाता है।  

संसद और क्षेत्रीय मुद्दे

ओमराजे निंबालकर संसद में किसान, सूखा, मराठवाड़ा के जल संकट, बेरोजगारी और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। धाराशिव और मराठवाड़ा में उनकी अच्छी जनाधार वाली छवि मानी जाती है। वर्तमान में वे लोकसभा में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सबसे प्रभावशाली सांसदों में से एक माने जाते हैं और मराठवाड़ा की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान है।