'दिल्ली आकर खुद अनशन खत्म करवाऊंगी', जंतर-मंतर कूच करेंगी राखी सावंत, तुड़वाएंगी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल!

जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के दिल्ली में चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर अब मनोरंजन जगत की मशहूर हस्ती राखी सावंत भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। पिछले कई दिनों से जारी इस भूख हड़ताल के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है, जिसे लेकर देश भर में चिंता जताई जा रही है। इसी बीच मुंबई में मौजूद राखी सावंत ने सोशल मीडिया के माध्यम से वांगचुक से अपना आंदोलन खत्म करने और अपनी जान जोखिम में न डालने की पुरजोर अपील की है। राखी ने साफ कहा कि वह इस मुहिम में उनके साथ हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित हैं।

राखी ने क्या कहा?

राखी सावंत ने वांगचुक के लिए एक बेहद सीधा और भावुक संदेश साझा करते हुए कहा, 'प्लीज, सोनम जी, मैं रिक्वेस्ट करती हूं। मैं दिल्ली आना चाहती हूं जंतर-मंतर पे। प्लीज ये फालतू लोगों के लिए अपनी जान मत दीजिए। आप बहुत कीमती हैं।' राखी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से ध्यान खींच रहा है। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वह सच में प्रदर्शन स्थल पर जाएंगी तो उन्होंने दृढ़ता से जवाब दिया कि वह जल्द ही दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेंगी और वहां व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त करवाएंगी।

शबाना आजमी समेत कई बड़ी हस्तियों का मिला साथ

सोनम वांगचुक को समर्थन देने वालों में राखी सावंत इकलौती हस्ती नहीं हैं। इनसे पहले दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी वांगचुक के हक में आवाज बुलंद की थी। शबाना आजमी ने सोशल मीडिया पर एक बेहद संजीदा नोट लिखकर वांगचुक से अपने स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि व्यवस्था की कमियों और नाइंसाफी के खिलाफ लड़ी जा रही इस लंबी लड़ाई में देश को उनके जैसे मजबूत और सच्चे मार्गदर्शकों की बेहद जरूरत है। शबाना ने यह भी रेखांकित किया था कि वांगचुक का जज्बा देश भर के छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।

क्यों हो रहा है दिल्ली में यह प्रदर्शन?

सोनम वांगचुक पिछले कुछ समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनके इस आंदोलन को समाज के विभिन्न वर्गों, छात्रों और राजनीतिक दलों का भी भारी समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर है। आंदोलनकारी इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही मानसिक तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की भी मांग की जा रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर आगामी संसद सत्र के दौरान एक बड़े शांतिपूर्ण मार्च की भी तैयारी है, जिसके चलते यह पूरा आंदोलन इस समय देश के केंद्र में बना हुआ है।