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साल 2026 में मिलेगी साढ़ेसाती और ढैय्या से निजात, शनिदेव की कृपा बनाए रखना है, तो घर ले आएं उनकी ये प्रिय चीजें

शनि कृपा पाने के लिए क्यों खास है साल 2026

शास्त्रों के अनुसार, शनि देव को न्याय का देवता कहा गया है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र की माने तो शनि लगभग ढाई साल में राशि बदलते हैं, लेकिन 2026 में वह कोई राशि परिवर्तन नहीं करेंगे, उनका गोचर स्थिर रहेगा। इसके बावजूद कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या का प्रभाव जारी रहेगा, जिससे तनाव, आर्थिक दबाव और काम में रुकावटें महसूस हो सकती हैं।

लोहे की अंगूठी से बढ़े धैर्य और मजबूती

2026 में साढ़ेसाती या ढैय्या से प्रभावित लोगों को शनिवार के दिन सरसों के तेल से अभिमंत्रित लोहे की अंगूठी पहनने की सलाह दी जाती है। शनि देव का संबंध लोहे से माना जाता है। यह उपाय मानसिक मजबूती बढ़ाने और बाधाओं को कम करने में सहायक माना जाता है।

काले तिल से शांत होता है शनि का प्रभाव

काले तिल शनिदेव को अत्यंत प्रिय हैं। यह छोटी सी चीज आपको बड़ी परेशानियों से राहत दिला सकती है। इसके लिए शनिवार को काले तिल का दान करना या स्नान के पानी में थोड़े से काले तिल मिलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनि के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं।

काले कपड़े का दान दिलाए कृपा

शास्त्रों के अनुसार, काला रंग शनि देव का प्रतीक माना जाता है। साढ़ेसाती के दौरान शनिवार को जरूरतमंद को काले कपड़े का दान करना एक सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है, जिससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

शनि यंत्र से नकारात्मक ऊर्जा से बचाव

घर के पूजा स्थल या कार्य स्थल पर शनि यंत्र की स्थापना करना लाभकारी माना जाता है। शनि यंत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और कार्यों में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

सरसों का तेल लाए शांति और स्थिरता

शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाना या सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यह उपाय मानसिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करता है। इसके साथ ही यह एक बहुत आसान उपाय है, जो शनि के कठोर प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।