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महाभारत के दुर्योधन ने प्रेमानंद महाराज को बताई अपनी परेशानी, मिला ये दिव्य ज्ञान

महाभारत के दुर्योधन अर्पित रांका का प्रेमानंद महाराज से सवाल

अर्पित रांका महाराज जी से सवाल करते हुए कहते हैं कि भविष्य की चिंता रहती है, मैंने इतने खलनायकों के रोल किए हैं, कभी दुर्योधन तो कभी कंस तो कभी रावण बना हूं। लेकिन कार्य के मिलने के बीच की जो यात्रा होती है वो बहुत कठिन हो जाती है। इस दौरान मन विचलित हो जाता है और बच्चों की चिंता सताने लगती है। बच्चों की चिंता से मन में नकारात्मक ख्याल आने लगते हैं। इसका उपाय क्या है।

प्रेमानंद महाराज ने दिया दिव्य ज्ञान

इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि, 'नाम जप करो। अगर खाली समय में नाम जप करोगे तो इससे तुम्हें बल मिलेगा। भगवान विश्वात्मा ने बिना किसी के सहयोग के संपूर्ण सृष्टि प्रकट की है और वही इसका पालन-पोषण भी कर रहे हैं। जो भगवान अनगिनत ब्रह्मांडों को संभाल सकते हैं, उनके लिए हम लोगों की छोटी-सी परेशानी कोई बड़ी बात नहीं। अगर हमारा मन भगवान से जुड़ा रहेगा, तो जीवन की कई मुश्किलें आसानी से पार हो जाएंगी।'

अर्पित रांका को मिला प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद

इस वार्तालाप में आगे अर्पित रांका महाराज जी से कहते हैं कि, 'मैं कहीं पर भी होता हूं तो सुंदरकांड का पाठ जरूर करता हूं और मैंने जीवन में कभी मांसाहार या नशे का सेवन नहीं किया है। आप स्वस्थ रहें मेरी बस यही इच्छा है क्योंकि आप अपने शब्दों से पूरे संसार में बदलाव लाने का काम कर रहे हैं। गुरुदेव मैं आपसे लंबे समय से मिलना चाहता था और आज मुझे साक्षात दर्शन हो गए। ऐसे में मैं अपने को बहुत ही भाग्यशाली मान रहा हूं।' इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि 'आपके ऊपर भगवान की बड़ी कृपा है। जीवन में उन्नतिशील बनने के लिए नाम-जप कीजिए। इसके अलावा व्यायाम भी जरूर करते रहिए। इससे शरीर हष्ट-पुष्ट रहेगा। नाम जप से मन स्वस्थ रहेगा और व्यायाम से शरीर।'