यूपी की सियासत में कुछ 'पक' रहा है! ठाकुर विधायकों के बाद क्यों जुटे ब्राह्मण विधायक, बंद कमरे में क्या बातें हुईं?
40 विधायकों ने की मीटिंग
सूत्रों का कहना है कि चर्चा का विषय जाति की राजनीति में ब्राह्मणों की आवाज दबती जा रही है। इस मीटिंग में करीब 40 विधायक शामिल हुए। मीटिंग में पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विधायक शामिल हुए। इससे पहले ठाकुर विधायकों ने भी बैठक की थी। इसे कुटुंब नाम दिया गया था।
जाति की राजनीति में अलग-थलग किए जाने की चिंता
सूत्रों के मुताबिक, यह मीटिंग इस चिंता के बीच बुलाई गई थी कि जाति आधारित राजनीति में ब्राह्मण समुदाय की आवाज़ को धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है। ऐसा महसूस किया गया कि ब्राह्मण मुद्दों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसकी वजह से ब्राह्मण पीछे रह गए।
मीटिंग में मौजूद ये बड़े नेता
मीटिंग में प्रेम नारायण पांडे, रत्नाकर मिश्रा, श्रीप्रकाश द्विवेदी, विनय द्विवेदी, MLC साकेत मिश्रा, शलभ मणि त्रिपाठी, विवेकानंद पांडे, ऋषि त्रिपाठी, रमेश मिश्रा, अंकुर राज तिवारी, राकेश गोस्वामी और कैलाश नाथ शुक्ला के साथ कई दूसरे विधायक भी शामिल थे। कुल मिलाकर करीब 40 विधायक के मौजूद होने की खबर है।
दूसरी जाति के विधायक भी कर चुके हैं ऐसी बैठक
इस मीटिंग से पहले ठाकुर, कुर्मी और लोध कम्युनिटी के विधायकों ने भी उत्तर प्रदेश में ऐसी ही मीटिंग्स की थीं। ब्राह्मण विधायकों के एक साथ आने से न सिर्फ राज्य की राजधानी में बल्कि दिल्ली के पॉलिटिकल सर्कल्स में भी ध्यान खींचा है। कैबिनेट के संभावित विस्तार को देखते हुए इस मीटिंग को अटकलें लगने शुरू हो गई हैं।
