रिटायरमेंट का इंतजार नहीं! इन 5 कंडीशन में NPS से निकाल सकते हैं 80% रकम, जानें पूरी डिटेल
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को अब सिर्फ रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन स्कीम मानना सही नहीं होगा। ताजा सुधारों के बाद NPS नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स के लिए कहीं ज्यादा फ्लेक्सिबल और अट्रैक्टिव हो गया है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए नॉन-सरकारी निवेशकों को 80% तक रकम एक बार में निकालने की अनुमति दे दी है। कुछ खास परिस्थितियों में तो पूरा 100% कॉर्पस भी निकाला जा सकता है।
पहले तक स्थिति यह थी कि 60 साल की उम्र या रिटायरमेंट पर अगर NPS कॉर्पस 5 लाख रुपये से ज्यादा होता था, तो अधिकतम 60% रकम ही लंपसम निकाली जा सकती थी और बाकी से अनिवार्य रूप से एन्युटी खरीदनी होती थी। लेकिन नए नियमों ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है।
1. जब कॉर्पस 8 लाख रुपये तक हो
अगर किसी नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर का NPS कॉर्पस 8 लाख रुपये तक है, तो वह 80% रकम लंपसम निकाल सकता है और बाकी 20% से एन्युटी खरीदनी होगी। हालांकि, इसी कैटेगरी में उसे पूरा 100% पैसा एक साथ निकालने का भी विकल्प मिलेगा, जिसमें एन्युटी खरीदना जरूरी नहीं है।
2. 8 लाख से 12 लाख रुपये तक का कॉर्पस
इस रेंज में निवेशक 80% रकम लंपसम निकाल सकता है और कम से कम 20% से एन्युटी लेनी होगी। इसके अलावा दो और विकल्प हैं—या तो 6 लाख रुपये लंपसम निकालकर बाकी रकम से कम से कम 6 साल के लिए सिस्टमेटिक यूनिट रिडेम्पशन (SUR) शुरू करें, या फिर 6 लाख रुपये निकालकर शेष राशि से एन्युटी खरीदें।
3. 12 लाख रुपये से ज्यादा कॉर्पस
अगर NPS कॉर्पस 12 लाख रुपये से अधिक है, तो 80% रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है, जबकि बाकी 20% से एन्युटी लेना अनिवार्य होगा।
4. 60 साल के बाद NPS जॉइन करने वाले
जो नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर 60 साल या उसके बाद NPS से जुड़े हैं, उन्हें भी 80% लंपसम निकासी का विकल्प मिलेगा। अगर कॉर्पस 12 लाख रुपये तक है, तो वे चाहें तो पूरा 100% पैसा भी निकाल सकते हैं।
5. 12 लाख से ज्यादा कॉर्पस (सीमित विकल्प)
इस स्थिति में केवल एक ही ऑप्शन है 80% लंपसम निकासी और 20% एन्युटी।
एक और अहम बदलाव यह है कि अब न्यूनतम एन्युटी खरीदने की सीमा 40% से घटाकर 20% कर दी गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बदलाव उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है जो रिटायरमेंट के बाद अपने निवेश खुद मैनेज करना चाहते हैं।
