New Year में दिल को बनाएं मजबूत, इन 5 आदतों को बना लें जिंदगी का हिस्सा, कम होगा हार्ट अटैक का खतरा
हार्ट को हेल्दी कैसे बनाएं?
रोज 30 मिनट व्यायाम करें- हार्ट को हेल्दी बनाने के लिए रोजाना और लगातार फिजिकल एक्टिविटी की आदत बना लें। किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी हेल्दी हार्ट की कुंजी है। इससे न केवल हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन में सुधार, ब्लड प्रेशर कंट्रोल, कोलेस्ट्रॉल कम, वजन कम और ओवरऑल हार्ट हेल्थ में सुधार आता है। इसके लिए तेज वॉक, साइकिल चलाना और कम से कम 30 मिनट तक स्विमिंग करने जैसी एक्सरसाइज कर सकते हैं।
खाना सोच समझकर खाएं- हार्ट को हेल्दी रखने के लिए डाइटिंग करने की नहीं बल्कि दिल को स्वस्थ रखने वाले आहार को खाने में शामिल करने की जरूरत है। इसके लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन पर ध्यान दें। खाने में फल, सब्जियां, मेवा, साबुत अनाज, हेल्दी फैट और बिना प्रोसेस्ड वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। दिल की सेहत को बेहतर बनाने के लिए मीठी और नमकीन चीजों का सेवन कम से कम करें। दिल की सेहत के लिए सबसे हानिकारक खाने में ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट, प्रोसेस्ड और रेड मीट, मीठे खाद्य पदार्थ और मीठे पेय पदार्थ, हाई सोडियम वाले खाद्य पदार्थ, तले हुए खाद्य पदार्थ, ज्यादा कैफीन और घर के खाने में अत्यधिक नमक शामिल हैं।
रात में 7-8 घंटे की नींद लें- नींद की कमी से दिल की बीमारियां का खतरा बढ़ सकता है। कम नींद से ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिज्म और यहां तक कि तनाव भी कंट्रोल होता है।अगर आप कम सोते हैं, तो शरीर अधिक तनाव हार्मोन पैदा करता है जो रक्त वाहिकाओं को संकुचित करते हैं और रक्तचाप बढ़ाते हैं। इसलिए 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।
तनाव कंट्रोल करें- चिंता और तनाव आपके शरीर के पूरे फंक्शन पर असर डालता है। काम के दबाव या पारिवारिक जिम्मेदारियों से पैदा होने वाला लॉन्ग टाइम स्ट्रेस, लंबे वर्किंग घंटे, लंबे समय तक स्क्रीन का उपयोग करने और फिजिकल एक्टिविटी से दूर से हार्ट की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जो मिलकर कम उम्र में ही दिल का दौरा पड़ने की संभावना को काफी हद तक बढ़ा देते हैं।
हेल्थ चेकअप कराएं- अपने शरीर की सुनें और नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं। इससे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का समय से पता लग सकता है जो कहीं न कहीं हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती है। डॉक्टर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि दिल की जांच न केवल दिल की समस्याओं का इलाज है बल्कि उन्हें रोकने का भी एक तरीका है। इसलिए नियमित रूप से दिल की जांच करवाते रहना चाहिए।
