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वेनेजुएला संकट पर भारत ने साफ किया रुख, जयशंकर बोले- 'बातचीत से निकले समस्या का हल'

क्या बोले जयशंकर?

जयशंकर ने कहा, "भारत हाल के घटनाक्रम को लेकर चिंतित है। हम सभी संबंधित पक्षों से आह्वान करते हैं कि वो बैठकर ऐसी स्थिति बनाएं जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वेनेजुएला के साथ भारत के लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं और भारत चाहता है कि वहां के लोग इस संकट से जल्द बाहर निकलें और अच्छा प्रदर्शन करें।

'देश वही करेंगे जिससे उन्हें फायदा होगा'

जयशंकर ने यह भी कहा, "आज के समय में, देश वही करेंगे जिससे उन्हें सीधा फायदा होगा। वो आपको मुफ्त सलाह देंगे। अगर कुछ होता है, तो वो कहेंगे, कृपया ऐसा ना करें। अगर तनाव होता है तो हमें चिंता होती है। कभी-कभी आप लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं, जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। अब, अगर आप उनसे पूछें, सच में, आपको चिंता है, तो आप अपने ही इलाके को क्यों नहीं देखते और खुद से पूछते कि वहां हिंसा का स्तर क्या है? लेकिन दुनिया का यही स्वभाव है। लोग जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं। हमें इसे इसी भावना से स्वीकार करना होगा।"

ऐसे शुरू हुआ वेनेजुएला संकट

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, वेनेजुएला संकट 3 जनवरी को अमेरिकी सेना की ओर ले काराकास में अचानक हमलों के बाद शुरू हुआ है। इस हमले में अमेरिकी सेना ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है। मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ले जाया गया है। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से महीनों से जमीनी हमले की धमकियों के बाद हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने निकोलस मादुरो पर ड्रग कार्टेल और नार्को-टेररिज्म चलाने का आरोप लगाया है। मदुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका की बदनाम ब्रुकलिन जेल में रखा गया है।