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ईरान में खामेनेई सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोलियां, तेहरान में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर

पूरे देश में फैले प्रदर्शन

इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार ईरान में 7 जनवरी के बाद से विरोध प्रदर्शन तेजी पूरे देश में फैले हैं। राजधानी तेहरान से लेकर  उत्तर-पश्चिमी ईरान तक लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। इसमें कहा गया है कि प्रदर्शनों से निपटने के लिए सरकार ने कार्रवाई भी तेज कर दी है। कई स्थानों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स को भी तैनात किया गया है।

हिंसक हुए विरोध प्रदर्शन

ईरान में जैसे-जैसे प्रदर्शन बढ़े सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक लोगों की पहुंच सीमित हो गई है। विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। मानवाधिकारों के उल्लंघन का दस्तावेजीकरण करने वाले संगठनों, जिनमें ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी, ईरान ह्यूमन राइट्स और हेंगाव ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स शामिल हैं ने पहले मृतकों की संख्या 62 बताई थी। एजेंसी ने बताया था कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 2,300 गिरफ्तारियां हुई हैं। 

ईरानी विरोध क्यों कर रहे हैं?

ईरान की अर्थव्यवस्था वर्षों से लगातार दबाव में है, मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोपीय प्रतिबंधों के कारण जो उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हैं। इस तनाव को क्षेत्रीय तनावों ने और बढ़ा दिया है जिसमें पिछले साल जून में इजरायल के साथ 12 दिनों की जंग शामिल है। ईरान की मुद्रा में तेजी से गिरावट आई है, 2025 में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसका लगभग आधा मूल्य गिर गया है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि अकेले दिसंबर में महंगाई 42 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इसका असर आम लोगों पर पड़ा है। पहले प्रदर्शन व्यापारियों ने रियाल के पतन के विरोध में किए थे इसके बाद ये देश भर के यूनिवर्सिटी कैंपस और शहरों में फैल गए हैं।

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