दिल्ली-NCR में बरसात से सुबह की शुरुआत, 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट… बर्फबारी से बदला उत्तराखंड-हिमाचल का मौसम

दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में गुरुवार के बाद शुक्रवार की सुबह की शुरुआत भी बारिश के साथ हुई है. नोएडा, गुरुग्राम समेत दिल्ली में हो रही बारिश से मौसम बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने दिल्ली, नोएडा, दादरी और ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को पूरे दिन बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि होने का भी अनुमान जताया गया है.

दिल्ली के अलावा, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिम के इलाके, उत्तराखंड, हिमाचल, बिहार, झारखंड, बंगाल और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में रेड अलर्ट भी है.

बुधवार को दिल्ली के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी के साथ बरसात की शुरुआत हुई थी. गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में बारिश में मौसम को सुहाना बना दिया. लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर होने वाली बारिश ने दिल्लीवासियों को राहत दी, जो कई दिनों से गर्मी से जूझ रहे थे. तेज हवाओं से दिन का तापमान तेजी से गिर गया और पिछले तीन वर्षों में इस बार मार्च में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसमें औसतन 9.4 मिमी बारिश हुई.

गुरुवार को पूरे दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा. मौसम विभाग ने बताया कि अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम तापमान है.

क्यों हो रही बारिश?

मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर मौजूद है. इसी वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश हो रही है. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव की वजह से एक मौसमी सिस्टम हरियाणा के ऊपर भी बना हुआ है. यहां बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में बरसात देखने को मिल रही है.

पलावत के मुताबिक, पहले यह संभावना जताई गई थी कि बारिश अधिक होगी लेकिन अब मौसमी सिस्टम के पूर्वी हिस्से में खिसकने से बारिश हल्की हो रही है.

जम्मू में बारिश, भीगकर वैष्णो देवी पहुंचे भक्त

जम्मू-कश्मीर में हो रही बारिश से तापमान में आई गिरावट ने कंपकंपी बढ़ा दी है. बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच हजारों भक्तों ने नवरात्रि के पहले दिन माता वैष्णो देवी के दर्शन किए. नवरात्रि के पहले दिन लगभग 15,000 श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन करने पहुंचे.

मंदिर के यात्रा मार्ग में भारी बारिश के बावजूद भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. जय माता दी के उद्घोष और लाउडस्पीकर पर भक्ति गीत का आनंद लेते हुए भक्तों ने यात्रा पूरी की और माता के दर्शन किए.

राजस्थान भी भीगा

पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के कुछ इलाकों में भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. यही वजह है कि बाड़मेर, अलवर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर समेत कई जिलों में बारिश की बौछार देखने को मिली.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार को भी जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है. हालांकि, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर संभाग में आने वाले इलाकों में मौसम शुष्क रह सकता है.

24 घंटे बाद यानी 21 मार्च को राजस्थान में बारिश का दौर थम जाएगा. लेकिन 22 मार्च को बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. विभाग ने बताया कि तूफान और बारिश की गतिविधियों के कारण अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई तथा अधिकांश स्थानों पर दिन का तापमान 36 डिग्री से नीचे रहा.

केदारनाथ और बदरीनाथ में बर्फबारी

मौसमी सिस्टम में हुए बदलाव का असर उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है. यहां ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिली है, जबकि निचले व मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, बदरीनाथ व केदारनाथ में बर्फबारी हुई. वहीं, फूलों की घाटी, त्रिशूल, नंदा देवी और बाकी के ऊंचाई वाले इलाकों में भी भारी बर्फबारी हुई.

पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी की उंची पहाड़ियों पर भी हल्की बर्फबारी हुई. इसके अलावा उत्तरकाशी के हर्षिल, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी के बाद सफेद चादर देखने को मिली. इन इलाकों के निचले हिस्से के साथ-साथ देहरादून में हुई बारिश की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिली.

हिमाचल में खिले होटल मालिकों के चेहरे

हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी ने होटल कारोबार को मुस्कुराने का मौका दे दिया है. बर्फबारी के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है. होटलों में बुकिंग बढ़ गई है. होटल मालिक इससे बेहद खुश हैं. मनाली और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में पिछले तीन दिन से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है.

लाहौल और स्पीति जिले के गोंडला में, किन्नौर के केलांग, कुकुमसेरी, हंसा और कल्पा में काफी बर्फबारी हुई है. बर्फबारी की वजह से गाड़ियों को सोलांग से आने जाने पर रोक लगा दी गई थी. मध्य मार्च में होने वाली बर्फबारी पर्यटन उद्योग के लिए वरदान है क्योंकि यह अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गर्मियों तक बनी रहेगी, जो पर्यटकों को आकर्षित करेगी. इस बारिश से फसलों को भी फायदा होगा.

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