पवनराजे निंबालकर मर्डर केस में 20 साल बाद थोड़ी देर में आएगा फैसला, कोर्ट में मौजूद उद्धव के बागी सांसद ओमराजे

मुंबईः पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट थोड़ी देर में अपना फैसला सुनाएगी। सबसे बहुचर्चित पॉलीटिकल हत्याओं में इस केस की चर्चा होती है। पवनराजे निंबालकर के बेटे और उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसद ओमराजे निंबालकर परिवार के साथ कोर्ट में पहुंच गए हैं। वहीं, पद्मसिंह पाटिल अपने परिवार के साथ ऐंबुलेंस में कोर्ट पहुंचे हैं। पीड़ित समद काज़ी और ओमराजे का पूरा परिवार भी कोर्ट में मौजूद है।

आरोपी पिंटू सिंह अभी भी रास्ते में है। पुलिस उसे लेकर कोर्ट पहुंच रही है, जिसके कारण सुनवाई में देरी हो रही है। पिंटू सिंह फिलहाल बिहार की जेल में बंद है। कोर्ट के 16 जून को दिए गए आदेश के बाद आज पिंटू सिंह की पेशी अनिवार्य की थी। इसलिए उसे अदालत में पेश किया जा रहा है।

NCP के पूर्व सांसद हैं मुख्य आरोपी

स्पेशल कोर्ट के जज सत्यनारायण नवंदर यह फैसला सुनाएंगे। इस केस में ट्रायल 15 साल तक चला है। पीड़ित के कज़िन और NCP के पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की साज़िश के आरोप हैं। सीबीआई ने पद्मसिंह पाटिल को मुख्य आरोपी बनाया है। आरोप है कि पाटिल ने पॉलिटिकल और बिज़नेस दुश्मनी के कारण निंबालकर को खत्म करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट मनी दी थी। 

128 गवाहों से पूछताछ

प्रॉसिक्यूशन ने ट्रायल के दौरान 128 गवाहों से पूछताछ की। पवनराजे निंबालकर महाराष्ट्र के पूर्व होम मिनिस्टर और धाराशिव से सांसद रह चुके थे। मर्डर के समय विधायक थे। उन्होंने अपने पॉलिटिकल करियर में कई सरकार में कई पोर्टफोलियो संभाले थे।

क्या है पूरा मामला

यह केस 3 जून, 2006 का है, जब पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर, समद काज़ी, मुंबई से उस्मानाबाद (अब धाराशिव) जा रहे थे। दो बदमाशों ने नवी मुंबई के कलंबोली में उनकी गाड़ी रोकी और उन पर गोली चला दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। इस केस के आरोपियों में पद्मसिंह पाटिल, लातूर के बिजनेसमैन सतीश मंडाडे, रिटायर्ड स्टेट एक्साइज इंस्पेक्टर मोहन शुक्ला और शूटर शामिल हैं।

केस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपियों ने निंबालकर को मारने के लिए ₹30 लाख का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। नवी मुंबई पुलिस ने शुरुआती जांच की। निंबालकर की पत्नी के जांच की प्रोग्रेस पर चिंता जताने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच CBI को ट्रांसफर कर दी। पद्मसिंह पाटिल को जून 2009 में गिरफ्तार किया गया था। अलीबाग की एक सेशंस कोर्ट ने उन्हें उसी साल सितंबर में बेल दे दी थी। केस का ट्रायल जुलाई 2011 में शुरू हुआ। 

सांसद ओमराजे निंबालकर के पिता की हुई थी हत्या

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में ओमराजे निंबालकर शिवसेना (UBT) के टिकट पर धाराशिव से सांसद चुने गए थे। उद्धव के छह बागियों में उनका भी नाम है। उद्धव गुट का आरोप है कि वह अपने पिता की हत्या के केस में अपने हक में फैसला पाने के लिए बगावत किए हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपियों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता की हत्या पर फैसला आने दो। बेटे की ज़िंदगी का मकसद क्या होता है? मैं राजनीति में क्यों आया? मैं अपने पिता के लिए न्याय मांग रहा हूं। यह एक ऐसा केस है जिसके लिए मैं और मेरा परिवार दो दशकों से लड़ रहे हैं। सीबीआई ने अच्छा काम किया है। ट्रायल अच्छा चला। यह हमारे लिए बहुत इमोशनल पल है। मेरे पिता की हत्या हुई थी और मुझे न्याय चाहिए।”