इस साल पड़ेंगी दो सोमवती अमावस्या, पहली 15 जून को तो दूसरी कब?

Somvati Amavasya 2026 Dates: हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस अमावस्या पर स्नान-दान और व्रत-पूजन इत्यादि पुण्य कार्य करता है, उसका जीवन सुख से भर जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन जो महिला पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करती है उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस अमावस्या पर दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। कहते हैं इस दिन किया गया दान कभी खाली नहीं जाता। साथ ही पितरों की भी विशेष कृपा दिलाता है। चलिए अब जानते हैं 2026 में दूसरी सोमवती अमावस्या कब मनाई जाएगी।

2026 की दूसरी सोमवती अमावस्या

2026 की दूसरी सोमवती अमावस्या 9 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। जानिए इस दिन के शुभ मुहूर्त क्या-क्या रहने वाले हैं...

  • ब्रह्म मुहूर्त 04:54 AM से 05:46 AM 
  • प्रातः सन्ध्या 05:20 AM से 06:39 AM
  • अभिजित मुहूर्त 11:43 AM से 12:26 PM
  • विजय मुहूर्त 01:53 PM से 02:37 PM
  • गोधूलि मुहूर्त 05:31 PM से 05:57 PM
  • सायाह्न सन्ध्या 05:31 PM से 06:50 PM
  • अमृत काल 11:49 PM से 01:32 AM, नवम्बर 10
  • निशिता मुहूर्त 11:39 PM से 12:31 AM, नवम्बर 10

सोमवती अमावस्या पूजा विधि और नियम

  1. सोमवती अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए और पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना चाहिए।
  2. साथ ही पेड़ पर कलावा बांधकर 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए। कहते हैं इस पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और समस्त देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
  3. इस दिन पीपल के पेड़ पर कच्चा दूध, रोली, अक्षत और काले तिल चढ़ाने का भी विशेष महत्व माना जाता है।
  4. इस दिन शिवलिंग पर भी गंगाजल, दूध, बेलपत्र, फूल, भांग, धतूरा और ऋतु फल चढ़ाया जाता है।
  5. इस शुभ तिथि पर पितृ तर्पण और दान भी करना चाहिए।
  6. साथ ही इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार ब्राह्मणों को दान भी जरूर देना चाहिए।
  7. वहीं विवाहित महिलाओं को सुहाग की सामग्री माता पार्वती को चढ़ानी चाहिए।
  8. अमावस्या पर भूलकर भी तामसिक भोजन का सेवन न करें।
  9. जितना हो सके जरूरतमंदों की सहायता करें।
  10. इस दिन किसी भी तरह के वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए।
  11. संभव हो तो इस दिन व्रत जरूर रखें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। आज का भारत न्यूज़ चैनल  एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)