महाराष्ट्र के ठाणे में परीक्षा से पहले ही TET का पेपर लीक, कैंसिल हुआ एग्जाम, कांग्रेस ने पूछा सवाल
महाराष्ट्र के ठाणे में टीईटी की कल होने वाली परीक्षा का पेपर लीक हो गया है, इसके बाद परीक्षा कैंसिल कर दी गई है। परीक्षा कल यानी रविवार को होने वाली थी। महाराष्ट्र में पुलिस और एजुकेशन डिपार्टमेंट को जानकारी मिली थी कि मुंबई से सटे भिवंडी इलाके में किसी के पास कल होने वाले TET का प्रश्न पत्र मौजूद है। मामले की गहन जांच के बाद केस दर्ज करते हुए अब कल होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।
पेपर लीक पर क्या बोले कांग्रेस नेता
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर तंज कसा है और कहा है, पेपर लीक अब कोई अपवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह इस दरिद्र सरकार की पहचान बन गया है! कल महाराष्ट्र में होने वाली TET परीक्षा का पेपर उपमुख्यमंत्री शिंदे के ठाणे में ही लीक होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस पेपर लीक से लाखों छात्रों की मेहनत, सपनों और भविष्य पर पानी फेरने वाले इस रैकेट को ठीक-ठीक किसका राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है?
उन्होंने कहा, एक तरफ "पारदर्शी प्रशासन" के नारे लग रहे हैं तो दूसरी तरफ पेपर लीक का सिलसिला जारी है। छात्रों को पढ़ाई करनी चाहिए या यह चिंता करनी चाहिए कि पेपर पहले किसके पास पहुंच रहा है? इस मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए। महाराष्ट्र के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कांग्रेस जल्द ही सड़कों पर उतरेगी।
महाराष्ट्र के ठाणे में टीईटी की कल होने वाली परीक्षा का पेपर लीक हो गया है, इसके बाद परीक्षा कैंसिल कर दी गई है। परीक्षा कल यानी रविवार को होने वाली थी। महाराष्ट्र में पुलिस और एजुकेशन डिपार्टमेंट को जानकारी मिली थी कि मुंबई से सटे भिवंडी इलाके में किसी के पास कल होने वाले TET का प्रश्न पत्र मौजूद है। मामले की गहन जांच के बाद केस दर्ज करते हुए अब कल होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।
पेपर लीक पर क्या बोले कांग्रेस नेता
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर तंज कसा है और कहा है, पेपर लीक अब कोई अपवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह इस दरिद्र सरकार की पहचान बन गया है! कल महाराष्ट्र में होने वाली TET परीक्षा का पेपर उपमुख्यमंत्री शिंदे के ठाणे में ही लीक होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस पेपर लीक से लाखों छात्रों की मेहनत, सपनों और भविष्य पर पानी फेरने वाले इस रैकेट को ठीक-ठीक किसका राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है?
उन्होंने कहा, एक तरफ "पारदर्शी प्रशासन" के नारे लग रहे हैं तो दूसरी तरफ पेपर लीक का सिलसिला जारी है। छात्रों को पढ़ाई करनी चाहिए या यह चिंता करनी चाहिए कि पेपर पहले किसके पास पहुंच रहा है? इस मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए। महाराष्ट्र के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कांग्रेस जल्द ही सड़कों पर उतरेगी।
