दिल्ली में 3 महीने तक लागू होगी कड़ी पाबंदी! BS-VI से नीचे के वाहनों की नो एंट्री, पार्किंग शुल्क भी होगा डबल

अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं या रोजाना अपनी गाड़ी लेकर राजधानी आते-जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने 'Winter Pollution Master Plan' लागू कर दिया है। इसके तहत 1 नवंबर से 31 जनवरी तक कई सख्त नियम लागू रहेंगे। इनमें BS-VI से नीचे के बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक, पार्किंग शुल्क दोगुना और बिना PUC सर्टिफिकेट के ईंधन नहीं मिलने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं।

3 महीने तक BS-VI से नीचे के वाहनों की एंट्री बंद

नई अधिसूचना के अनुसार 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के वाहनों को राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा। हालांकि, सीएनजी वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम से सर्दियों में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम होगी।

 

 

पार्किंग शुल्क होगा दोगुना

दिल्ली सरकार ने निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने का फैसला किया है। हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा संचालित पार्किंग इस व्यवस्था से बाहर रहेंगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे।

दफ्तरों में सिर्फ 50% कर्मचारी होंगे मौजूद

सर्दियों के दौरान ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में एक समय पर केवल 50 फीसदी कर्मचारी ही काम करेंगे। बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा दी जाएगी। हालांकि, आवश्यक सेवाओं और जरूरी विभागों से जुड़े कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा।

बिना PUC के नहीं मिलेगा ईंधन

नई व्यवस्था के तहत पूरे साल PUC के बिना किसी भी पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा। जिन वाहनों के पास वैध PUC नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

निर्माण कार्य और कचरा जलाने पर सख्ती

सरकार ने 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले तोड़-फोड़ और खुले में होने वाले कई निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का फैसला किया है। बड़े निर्माण स्थलों पर मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा खुले में कचरा या पत्तियां जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नियम तोड़ने पर संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ संस्था या प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

ड्रोन से होगी निगरानी

सर्दियों में प्रदूषण के लिए मास्टर प्लान के तहत ड्रोन मॉनिटरिंग, सख्त प्रवर्तन और सभी विभागों, आरडब्ल्यूए (RWA) तथा संस्थानों की जिम्मेदारी तय की गई है। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था हर साल 1 नवंबर से 31 जनवरी तक स्वतः लागू होगी।