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दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ बड़ी पहल, सीएम रेखा गुप्ता ने रोकथाम के लिए समिति का किया गठन

कोई भी  चूक बर्दाश्त नहीं 

दिल्ली सचिवालय में एक अंतर-विभागीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार प्रदूषण को एक "आपातकालीन मिशन" के रूप में ले रही है और राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता व स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं करेगी। 

उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा रहा है, जिसमें प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आईआईटी के विशेषज्ञ और पर्यावरण वैज्ञानिक शामिल होंगे। एक बयान के अनुसार, अनुपालन की निगरानी और सुधारात्मक कार्रवाई लागू करने के लिए सरकार द्वारा समिति को विशेष शक्तियां प्रदान की जाएंगी। गुप्ता ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को उन विभागों का चालान करने और भारी जुर्माना लगाने का निर्देश दिया, जो धूल नियंत्रण और सड़क रखरखाव से जुड़े नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं। 

दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब'

उधर, राजधानी में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 342 के साथ "बहुत खराब" श्रेणी में दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम चार बजे 342 रहा, जबकि मंगलवार को यह 372 और सोमवार को 304 था। सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, 39 निगरानी स्टेशनों में से 32 ने एक्यूआई को 300 से अधिक रीडिंग के साथ "बहुत खराब" श्रेणी में दर्ज किया गया। 

सबसे ज्यादा एक्यूआई नेहरू नगर में 378 दर्ज किया गया। अन्य स्टेशनों में मुंडका, बवाना, विवेक विहार, अलीपुर, शादीपुर, आरके पुरम, बुराड़ी, आनंद विहार, और उत्तर परिसर में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' दर्ज की गई। सीपीसीबी के अनुसार एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ माना जाता है। दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक शहर का एक्यूआई "बेहद खराब" श्रेणी में रहने की आशंका है। पूर्वानुमान में रात में धुंध छाए रहने की भी संभावना जताई गई है। बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का योगदान 16 प्रतिशत था, जो स्थानीय प्रदूषण कारकों में सबसे ज्यादा है। बृहस्पतिवार को राजधानी की जहरीली हवा में परिवहन उत्सर्जन का योगदान 14.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।