सफलता-सौभाग्य बढ़ाने वाली 5 पवित्र मूर्तियां, जो बदल सकती हैं आपकी तकदीर, घर में सी जगह रखने से दूर होगा हर वास्तुदोष!
घर में पवित्र मूर्तियां रखने का महत्व
वास्तुशास्त्र में घर का हर कोना और वस्तु महत्वपूर्ण माना जाता है। कुछ विशिष्ट मूर्तियां घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने, वास्तुदोष दूर करने और भाग्य को अनुकूल बनाने में मदद करती हैं। इन मूर्तियों को सही दिशा में रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
कछुआ: समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार कछुए की मूर्ति घर में रखना बेहद शुभ माना जाता है। कछुआ भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया है और इसे धन की देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति का संकेत भी समझा जाता है। इसे ड्राइंग रूम में पूर्व या उत्तर दिशा में रखने से घर में स्थिरता और खुशहाली बढ़ती है।
हाथी: शक्ति और वैभव का संकेत
हाथी को शक्ति, समृद्धि और बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता है। घर में हाथी की मूर्ति रखने से वास्तु दोष कम होते हैं और पारिवारिक कलह दूर होते हैं। चांदी का हाथी शयनकक्ष में रखने से राहु से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। ठोस हाथी घर में रखने से स्थिरता आती है।
ऊंट: तरक्की का प्रतीक
वास्तु और फेंगशुई दोनों में ऊंट की मूर्ति को शुभ माना गया है। यह दृढ़ता, धैर्य और सफलता का प्रतीक है। ऊंट की मूर्ति को ड्राइंग रूम के उत्तर-पश्चिम दिशा में रखने से करियर और बिजनेस में प्रगति होती है और रुके हुए काम बनने लगते हैं।
हंस का जोड़ा: दांपत्य जीवन में मिठास
वास्तु के अनुसार हंस दांपत्य प्रेम और सामंजस्य का प्रतीक है। हंस के जोड़े की मूर्ति रखने से पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है और संबंधों में सुधार आता है। बेडरूम में खूबसरत हंस के जोड़े की मूर्ती रखना सबसे शुभ माना गया है। जबकि, गेस्ट रूम में रखने से आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
गाय: सौभाग्य-सकारात्मकता का प्रतीक
गाय को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र माना गया है। घर में गाय की मूर्ति रखना अत्यंत शुभ होता है। इससे घर का वातावरण सकारात्मक बनता है और भाग्य मजबूत होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, संतान प्राप्ति की कामना रखने वालों के लिए पीतल की गाय की मूर्ति घर में रखना शुभ माना गया है।
