रैगिंग की हैवानियत: मैनेजमेंट छात्र से मारपीट, टॉयलेट पैन में धकेल गंदा पानी पिलाया, जमीन चटवाई
पीड़ित छात्र केंद्रपाड़ा जिले के औल का रहने वाला है और मैनेजमेंट के दूसरे वर्ष में पढ़ रहा है। उसने बताया कि उसके ही एक क्लासमेट और एक सीनियर ने उसे ड्रग्स लेने के लिए मजबूर किया और जब उसने मना कर दिया, तो उसके साथ हैवानियत की हद पार करने वाले अत्याचार किए गए।
उंगलियां तोड़ने की कोशिश की
छात्र का कहना है कि 24 नवंबर को इंस्टीट्यूट की दूसरी मंजिल पर उसे बुलाया गया और वहां के एक टॉयलेट में ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों ने उसके चेहरे को टॉयलेट पैन में धकेला, गंदा पानी पिलाया, उसे जमीन चटवाई और चेहरे, गर्दन, सीने, पेट और घुटनों पर लगातार मुक्के मारे। छात्र का कहना है कि उसकी उंगलियां तोड़ने की कोशिश की गई, सिर दीवार पर मारा गया और उसके कपड़े उतारने की कोशिश भी की गई। हमलावरों ने इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की।
लगभग दो घंटे तक छात्र को दो अलग-अलग टॉयलेट में ले जाकर निरंतर शारीरिक और मानसिक रूप से यातनाएं दी गईं। छात्र का आरोप है कि इसके बाद वही सीनियर और उसकी गर्लफ्रेंड, साथ ही दूसरे छात्र की गर्लफ्रेंड उसे कैंपस के बाहर एक घर में ले गए। उन्होंने कहा कि वहां खाना-पीना होगा, लेकिन वहां भी वे ड्रग्स ले रहे थे और उसे ड्रग्स लेने के लिए दबाव डालते रहे। यहां भी उसके साथ धमकियां दी गईं और पैसे भी मांगे गए। छात्र को 2–3 घंटे तक घर में बंद रखा गया, जिसके बाद उसे छोड़ा गया।
बुखार के कारण कॉलेज नहीं गया
पीड़ित छात्र ने बताया कि इस घटना के बाद वह 25 नवंबर को बुखार के कारण कॉलेज नहीं गया। 26 नवंबर को जब वह कॉलेज लौटा, तो आरोपी छात्र ने फिर उसे धमकी दी कि वह कॉलेज न आए, वरना उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। छात्र ने कहा कि आरोपियों ने उसे यह भी धमकाया कि वे उसकी गाड़ी जला देंगे, उसे भी जला देंगे, उसके घर में घुसकर हमला करेंगे और उसके पीछे गुंडे लगा देंगे। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई कि यदि उसने किसी को बताने की कोशिश की तो वे उसकी फेक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। धमकियों से डरा छात्र 26 नवंबर के बाद कॉलेज नहीं गया और अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है।
पीड़ित छात्र ने बताया, "मुझे टॉयलेट में ले जाकर बहुत मारा गया। उन्होंने मेरा शोषण किया, रिकॉर्डिंग की, गंदा पानी पिलाया, जमीन चटवाई। मेरी उंगलियां तोड़ने की कोशिश की, चेहरे को दीवार पर दे मारा, वॉशबेसिन और कमोड में सिर घुसाया। दो हफ्तों से वे मुझे कॉलेज आने नहीं दे रहे और धमका रहे हैं कि मैं सुसाइड कर लूं। मैंने वीडियो और ऑडियो सबूत भी जमा किए हैं। मैं सिर्फ पढ़ना चाहता हूं, न कि उनके साथ घूमना या नशा करना। मुझे अपनी जान का खतरा है। वे मेरी गाड़ी, मेरा रास्ता, सब जानते हैं। धमकी दी है कि घर में घुसकर मार देंगे और मेरा फेक वीडियो वायरल कर देंगे।"
पैसों की मांग करने का आरोप
छात्र की मां ने पिपिली थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने केस नंबर- 656/25 के तहत मामला दर्ज किया है। पिपिली थाने के प्रभारी ने कहा कि शिकायत में साफ तौर पर आरोपियों पर पिटाई, ड्रग्स के लिए मजबूर करने और पैसों की मांग करने का आरोप है। पुलिस टीम ने कॉलेज में जाकर जांच की है और कहा है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एंटी-रैगिंग गाइडलाइंस के बावजूद शैक्षणिक संस्थानों में जारी हिंसक गतिविधियों पर सवाल उठाती है। इंस्टीट्यूट परिसर में दो घंटे तक चलने वाली बर्बरता, वीडियो रिकॉर्डिंग और कैंपस के बाहर जारी धमकियां इस बात का संकेत देती हैं कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कितनी कमजोर हो सकती है। छात्र न्याय की मांग कर रहा है और चाहता है कि उसे सुरक्षित माहौल मिले, ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
