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रवांडा समर्थित M23 विद्रोहियों ने कांगो के दक्षिण किवु में किया बड़ा हमला, 400 से अधिक नागरिकों की मौत

ट्रंप का कराया समझौता टूटा

पिछले हफ्ते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में कांगो और रवांडा के बीच समझौता कराया था। मगर अब वह टूट चुका है। वजह है कि उस समझौते में M23 को शामिल नहीं किया गया था। विद्रोही समूह कांगो के साथ अलग से बातचीत कर रहा है और इस साल की शुरुआत में घोषित युद्धविराम को दोनों पक्ष एक-दूसरे पर तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। फिर भी समझौता रवांडा को सशस्त्र समूहों का समर्थन बंद करने और शत्रुता खत्म करने के लिए बाध्य करता है। दक्षिण किवु सरकार के प्रवक्ता ने बुधवार देर रात बयान में कहा, “उविरा और प्रांतीय राजधानी बुकावू के बीच के इलाकों में गोलियों, ग्रेनेड और बमों से 413 से अधिक नागरिक मारे गए हैं, जिनमें बहुत सी महिलाएं, बच्चे और युवा शामिल हैं।”

 

संयुक्त राष्ट्र ने की संघर्ष खत्म करने की अपील

किवु सरकार के बयान में कहा गया, “हमारे पास जानकारी है कि शहर में मौजूद ताकतें रवांडा की स्पेशल फोर्सेज़ और उनके कुछ विदेशी भाड़े के सैनिकों की हैं, जो युद्धविराम के साथ-साथ वॉशिंगटन और दोहा समझौतों का खुला उल्लंघन कर रही हैं।” संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने “तत्काल और बिना शर्त शत्रुता बंद करने” की मांग की है। उनके उप-प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि गुटेरेस दक्षिण किवु में हिंसा की बढ़ोतरी और उसके मानवीय परिणामों से गहरी चिंता में हैं। 

एम23 ने किया कांगो के कई शहरों पर कब्जे का दावा

M23 ने बुधवार दोपहर घोषणा की कि उसने तांगानिका झील के उत्तरी सिरे पर स्थित महत्वपूर्ण बंदरगाही शहर उविरा पर कब्ज़ा कर लिया है। उविरा पड़ोसी बुरुंडी के सबसे बड़े शहर बुजुम्बुरा के ठीक सामने है। M23 के प्रवक्ता लॉरेंस कन्युका ने X पर पोस्ट कर कहा कि जो नागरिक भाग गए थे, वे सुरक्षित घर लौट सकते हैं। कांगो, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ रवांडा पर M23 को समर्थन देने का आरोप लगाते हैं। 2021 में इस समूह के कुछ सौ सदस्य थे; अब संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इसके करीब 6,500 लड़ाके हैं। हालांकि रवांडा इन आरोपों से इनकार करता है, लेकिन पिछले साल उसने स्वीकार किया था कि पूर्वी कांगो में उसकी सेना और मिसाइल सिस्टम मौजूद हैं। संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का अनुमान है कि कांगो में 3,000-4,000 रवांडाई सैनिक हैं।

उविरा पर कब्जा बुरुंडी के लिए खतरा

बुरुंडी के विदेश मंत्री एडुआर्ड बिज़िमाना ने फ्रेंच मीडिया RFI को बुधवार को बताया कि अमेरिका को रवांडाई राष्ट्रपति पॉल कागामे पर दबाव डालना चाहिए ताकि वॉशिंगटन समझौता लागू हो। उन्होंने कहा, “कागामे और रवांडा के बिना M23 कुछ भी नहीं है।” उन्होंने चेतावनी दी कि उविरा पर कब्ज़ा बुरुंडी की आर्थिक राजधानी बुजुम्बुरा के लिए खतरा है। पिछले तीन दिनों में 30,000 से अधिक शरणार्थी बुरुंडी पहुँच चुके हैं। गुरुवार को M23 प्रवक्ता कन्युका ने फिर X पर लिखा कि कुछ बुरुंडाई सैनिक अपने देश लौट गए हैं, जबकि कुछ उविरा और मिनेम्ब्वे की पहाड़ियों में मोर्चा जमाए हुए हैं और “हमारे तुत्सी बन्यामुलेन्गे देशवासियों के खिलाफ नरसंहार अभियान” चला रहे हैं। 

अफ्रीकी संघ ने की हिंसा की निंदा

अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष मौहम्मद अली यूसुफ ने गुरुवार को कहा कि वे दोहा फ्रेमवर्क समझौते (कांगो और AFC/M23 के बीच) तथा वॉशिंगटन समझौते (DRC-रवांडा) से पैदा हुई गति के पूरी तरह विपरीत इन झड़पों और नागरिकों पर हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और राजनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की अपील की। खनिज-संपन्न इलाके की लड़ाई...अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को किंशासा में M23 और रवांडाई सैनिकों से सभी हमलावर कार्रवाइयाँ तुरंत रोकने और रवांडाई रक्षा बलों को रवांडा वापस बुलाने को कहा। रवांडाई विदेश मंत्रालय ने X पर बयान में नवीनतम युद्धविराम उल्लंघनों का ठीकरा कांगो की सेना पर फोड़ा और कहा कि DRC ने खुलेआम घोषणा की थी कि वह कोई युद्धविराम नहीं मानेगा।

कांगो में सक्रिय हैं 100 से ज्यादा सशस्त्र समूह

खनिजों से भरपूर पूर्वी कांगो में रवांडा सीमा के पास 100 से अधिक सशस्त्र समूह सक्रिय हैं, जिनमें M23 सबसे प्रमुख है। इस संघर्ष ने दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक पैदा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार 70 लाख से अधिक लोग विस्थापित हैं। स्थानीय संयुक्त राष्ट्र सहयोगियों के अनुसार 2 दिसंबर से अब तक प्रांत में 2 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और 70 से अधिक मारे गए हैं। कई नागरिक बुरुंडी भाग गए हैं; बुरुंडी सीमा पर रुगोम्बो कस्बे में भी गोले गिरने की खबरें हैं, जिससे संघर्ष के बुरुंडी में फैलने की आशंका बढ़ गई है।