लव ट्रायंगल ने ली युवक की जान, नाबालिग गर्लफ्रेंड और नए BF ने सर्जिकल ब्लेड से काट डाला, पहाड़ पर मिली लाश
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया है कि मृतक युवक अभय दास का नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था। बाद में इस लड़की का संपर्क आशुतोष से हुआ और दोनों के बीच नए रिश्ते की शुरुआत हुई। इस वजह से तीनों के बीच तनाव बढ़ने लगा। पुलिस के अनुसार, आशुतोष और लड़की ने मिलकर अभय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई ताकि उनका संबंध आगे बढ़ सके।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की ने योजना के तहत अभय को पहाड़ी पर बुलाया। वहां उसे एक कोल्ड ड्रिंक पिलाया गया जिसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया था। जैसे ही अभय बेहोश हो गया, उसे चाकू और सर्जिकल ब्लेड से मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद उसकी लाश को खाई से नीचे फेंक आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस ने यह भी बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया नशीला पदार्थ और ब्लेड उस अस्पताल से लाए गए थे, जहां मुख्य आरोपी आशुतोष काम करता था।
जब पिता ने देखी बेटे की स्कूटी
संबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार मिश्रा ने कहा, "कल खेत्राजपुर थाने में रामानंद दास ने केस नंबर 322/25 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि रामानंद दास का बेटा 8 दिसंबर से लापता था और बहुत खोजने पर भी वह नहीं मिला था। जब वह घर लौट रहे थे तो रास्ते पर उन्होंने उनके बेटे की स्कूटी देखी,उन्होंने सोचा कि शायद वह रास्ते के किनारे पर स्कूटी रख कर पेट्रोल लेने गया होगा, लिहाजा उन्होंने आस पास के इलाके में उसे बहुत खोजा पर वह नहीं मिला।
100 मीटर आगे जाने के बाद शिकायतकर्ता ने उनके बेटे के चप्पल देखे, जब वह पास के पहाड़ी इलाके में गए तो उन्होंने उनके बेटे का मृत शरीर देखा। मृतक के शरीर,सीने, हाथों, गले और सिर पर जख्म के निशान थे। मृतक के शरीर पर चाकू के वार के निशान भी थे जिसके बाद ही शिकायतकर्ता ने हत्या की शिकायत दर्ज करवाई थी।
आशुतोष दास गिरफ्तार
शिकायत दर्ज होने के बाद एसपी साहब के निर्देश पर एक टीम बनाई गई। टीम में एसडीपीओ सदर,एसडीपीओ बुर्ला , आईआईसी बुर्ला और आईआईसी खेत्राजपुर शामिल थे। टीम गठन होने के बाद अलग अलग ऐंगल्स से मामले की जांच की गई। इस मामले में शामिल लोगों के मोबाइल जांच और सरकमस्टेंशल एविडेंस की जांच की गई। मामले में शामिल सोनपुर जिले के निवासी आशुतोष दास को गिरफ्तार किया गया है। आशुतोष एक अस्पताल में नर्सिंग की इंटर्नशिप कर रहा था और उसे मेडिकल के फील्ड की कुछ जानकारी भी थी।
