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फायरिंग कर रहे आतंकी को दबोचा और छीन ली बंदूक, कौन है सिडनी का हीरो? जानें

यहूदी त्योहार के जश्न के दौरान हमला

रविवार को बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के जश्न के दौरान हजारों लोग इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान दो बंदूकधारियों ने भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस गोलीबारी में करीब 16 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 40 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

हमलावर से कैसे छीनी बंदूक?

बंदूकधारियों की फायरिंग के बाद मची भगदड़ के बीच अहमद अल अहमद भी बचने के लिए छिपने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अहमद एक कार के पीछे छिपे हुए नजर आ रहे हैं। इसी बीच उन्होंने मौका पाकर हमलावर को पीछे से जाकर जकड़ लिया। दोनों के बीच गुत्थम गुत्था के बीच अहमद हमलावर पर हावी हो गए और उसकी बंदूक छीन ली। अहमद ने हमलावर की बंदूक छीनकर उसपर तान दी। हमलावर घबराकर भाग खड़ा हुआ। बताया जा रहा है इस दौरान अहमद को दो गोलियां लगी। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

पिता और बेटे ने किया हमला

न्यू साउथ वेल्स पुलिस के मुताबिक इस हमले को अंजाम देने वाले दोनों शख्स पिता और बेटे थे। पिछले तीन दशक में ऑस्ट्रेलिया में हुई यह घातक गोलीबारी थी। न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर मैल लैन्योन ने बताया कि एक बंदूकधारी, 50 साल का आदमी, पुलिस की गोली से मारा गया। दूसरा हमलावर, उसका 24 साल का बेटा, घायल हो गया और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने पत्रकारों को बताया कि मारे गए लोगों की उम्र 10 से 87 साल के बीच थी। सोमवार सुबह कम से कम 42 अन्य लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से कई की हालत गंभीर है।