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30 करोड़ की जमीन के लिए खूनी गैंगवार, 50 लाख की सुपारी देकर रची गई थी हत्या की साजिश; पुलिस का बड़ा खुलासा

झुंझुनूं एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा (0056 गैंग) और श्रवण भादवासी (1657 गैंग) के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के चलते 12 दिसंबर को झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के खिरोड़ इलाके में दोनों गैंग आमने-सामने आ गए, जहां जमकर फायरिंग हुई।

 

सुपारी देकर रची गई थी हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रवण भादवासी गैंग ने जमीन पर कब्जा जमाने के लिए रविंद्र कटेवा की हत्या कराने की योजना बनाई थी। इसके लिए 50 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इसी साजिश के तहत श्रवण भादवासी गैंग के सक्रिय सदस्य हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ रविकांत उर्फ गोलू स्वामी को उसके साथियों के साथ रविंद्र कटेवा को मारने भेजा गया था।

गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर सहित दो की हुई थी मौत

गैंगवार के दौरान हुई आपसी फायरिंग में श्रवण भादवासी गैंग के सक्रिय सदस्य व हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, दूसरी ओर रविंद्र कटेवा गैंग के सक्रिय सदस्य सुनील सुंडा की भी फायरिंग में मौत हो गई।

अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते रविंद्र कटेवा गैंग से सरगना रविंद्र कटेवा, विकास बटार, संदीप गिल और पंकज रुलानिया को गिरफ्तार किया है। वहीं, श्रवण भादवासी गैंग के पिंटू भिचरी, हिस्ट्रीशीटर राजू अठवास को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, फरार आरोपी नंदू सिंह राजपूत को सीकर पुलिस के सहयोग से दस्तयाब किया गया है।

हथियार और लग्जरी गाड़ियां जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे सेतीन थार, तीन कैंपर, एक फॉर्च्यूनर, एक ब्रेजा और एक स्विफ्ट डिजायर कार एक देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा और एक खाली कारतूस जब्त किए हैं। साथ ही,  दोनों गैंग के सदस्यों की अवैध संपत्तियों और वाहनों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों कुख्यात गैंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अपराधियों की अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।

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