कोहरे की वजह से लेट हो गई आपकी ट्रेन, तो वापस मिल सकता है टिकट का पूरा पैसा; जानिए रिफंड का पूरा प्रोसेस
भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के अनुसार, अगर कोई ट्रेन अपने निर्धारित प्रस्थान समय से तीन घंटे या उससे अधिक देरी से चलती है और यात्री यात्रा नहीं करता है, तो ऐसे मामलों में पूरा किराया रिफंड किया जाता है। यह नियम पूरी तरह कन्फर्म टिकट के साथ-साथ आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट पर भी लागू होता है। खास बात यह है कि इस स्थिति में रेलवे की ओर से कोई भी कैंसलेशन चार्ज नहीं काटा जाता।
पूरे रिफंड की शर्तें
हालांकि, पूरा रिफंड पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। पहली शर्त यह है कि जिस स्टेशन से यात्री को ट्रेन पकड़नी थी, वहां ट्रेन तीन घंटे से अधिक की देरी से पहुंचे। दूसरी शर्त यह है कि ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान से पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन टीडीआर (TDR) दाखिल किया गया हो। तीसरी और अहम शर्त यह है कि संबंधित पीएनआर पर दर्ज किसी भी यात्री ने यात्रा न की हो। अगर यात्री ट्रेन के लेट होने से पहले ही टिकट कैंसिल कर देता है या फिर ट्रेन के रवाना होने के बाद टीडीआर या रिफंड के लिए आवेदन करता है, तो ऐसे मामलों में किराए की कोई भी वापसी नहीं की जाती। इसलिए सही समय पर सही प्रक्रिया अपनाना बेहद जरूरी है।
रिफंड की प्रक्रिया
रिफंड की प्रक्रिया भी काफी सरल है। यात्री को आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करना होता है। इसके बाद बुक्ड टिकट हिस्ट्री में जाकर संबंधित टिकट को चुनना होता है। यहां फाइल टीडीआर के ऑप्शन पर क्लिक कर कारण में ‘ट्रेन लेट मोर दैन थ्री आवर्स’ का चयन करना होता है। रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद आमतौर पर 5 से 10 वर्किंग दिनों में रिफंड की राशि सीधे बैंक खाते में वापस आ जाती है।
यात्रियों के लिए राहत
कुल मिलाकर, कोहरे की वजह से ट्रेन लेट होना भले ही यात्रियों के लिए परेशानी हो, लेकिन सही जानकारी और समय पर कार्रवाई करके यात्री अपने पूरे टिकट के पैसे बचा सकते हैं। ऐसे में सफर से पहले रेलवे के रिफंड नियमों को समझना हर यात्री के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
