फलता सीट पर कभी नहीं जीती भाजपा, जहांगीर के पीछे हटने से देबांग्शु पांडा की खुली किस्मत! जानें अब मुकाबले में कौन-कौन?
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर होने वाले चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल अचानक बदल गया है. यहां गुरुवार (21 मई ) को वोटिंग होना है. बीते दिन (बुधवार, 19 मई) ही इस सीट से टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी प्रक्रिया से हटने का फैसला किया. उनके अचानक लिए इस फैसले को टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, तो वहीं बीजेपी खेमे में जश्न का माहौल है. आइये जानते हैं अब यहां मुकाबले में कौन-कौन? है और टीएमसी के लिए क्षेत्र कितना अहम माना जाता है.
फलता विधानसभा सीट दक्षिण 24 परगना की अहम सीटों में से एक मानी जाती है, जहां हर चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है. फलता दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं. फलता में पुनः मतदान ने राजनीतिक ध्यान खींचा है क्योंकि यह विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर के अंतर्गत आता है जो अभिषेक बनर्जी का संसदीय क्षेत्र है.
तृणमूल कांग्रेस का गढ़
फलता जो एक सामान्य श्रेणी का विधानसभा क्षेत्र है और इसका ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण है. पहले यह मार्क्सवादियों का गढ़ था,लेकिन अब यह तृणमूल कांग्रेस का गढ़ बन गया है. टीएमसी का यहां कितना दबदबा रहा है इसका अंदाजा इस बात सेलगा सकते हैं कि इस सीट पर कभी भी बीजेपी ने जीत हासिल नहीं की. तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार 2001 में यह सीट जीती थी. साल 1998 में पार्टी की स्थापना के 3 साल के अंदर टीएमसी ने CPI(M) को 2,138 वोटों के अंतर से हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया था. वहीं 2006 में CPI(M) ने एक बार फिर टीएमसी को हराकर यह सीट अपने नाम की. हालांकि 2011 से टीएमसी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार तीन जीत हासिल कीं.
किनके बीच मुकाबला
इधर उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के के पीछे हटने से अब बीजेपी के देबांग्शु पांडा, कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला और सीपीआई (एम) के संभू नाथ कुर्मी चुनावी मैदान में हैं. इन तीनों के बीच मुकाबला होना है, हालांकि इस सीट पर बीजेपी के ही जीतने के कयास लगाए जा रहे हैं.
देबांग्शु पांडा
देबांग्शु पांडा की उम्र 46 साल है और शैक्षणिक योग्यता स्नातक है. वह पेशे से वकील हैं. चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 1.9 करोड़ रुपए है, जबकि उन पर लगभग 12 लाख रुपये की देनदारी है. उनकी सालाना आय 12 लाख रुपए बताई गई है. हलफनामे में उनके खिलाफ 17 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है, जिनमें 19 गंभीर मामले शामिल हैं.
अब्दुर रज्जाक मोल्ला
अब्दुर रज्जाक मोल्ला दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उनकी उम्र 65 साल है और उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है. उनके खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 57.7 लाख रुपए है, जबकि उन पर कोई कर्ज नहीं है.
संभु नाथ कुर्मी
सीपीएम के उम्मीदवार संभु नाथ कुर्मी की उम्र 61 साल है और उन्होंने 10वीं तक पढ़ाई की है. उनके खिलाफ 3 मामले दर्ज हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 9.5 लाख रुपए है, जबकि उन पर किसी तरह का कर्ज नहीं है.
29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में फलता सीट के कुछ बूथों पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद यहां पुनर्मतदान का फैसला लिया गया. सभी की नजरें 21 मई को होने वाले मतदान पर टिकी हैं.
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