निर्जला एकादशी से शुरू करके पूर्णिमा तक करें इन 5 मंत्रों का जप, सभी समस्याओं का मिलेगा समाधान
निर्जला एकादशी के दिन भक्त जल का त्याग करते हुए व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। इस दिन विष्णु भगवान की पूजा के साथ ही कुछ उपाय करना भी बेहद शुभ माना जाता है। इन्हीं उपायों में से एक है कुछ मंत्रों का जप करना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी से लेकर पूर्णिमा तिथि तक अगर इन मंत्रों का जप किया जाए तो जीवन की सभी समस्याओं का समाधान आपको मिलता है और विष्णु कृपा भी आप पर बरसती है। आपको बता दें कि निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा वहीं पूर्णिमा तिथि 29 जून को है। यानि आपको निर्जला एकादशी से शुरू करके 5 दिनों तक इन मंत्रों का जप करना है। आइए जान लेते हैं इन मंत्रों के बारे में।
विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
भगवान विष्णु का यह मंत्र बेहद शुभ और कल्याणप्रद माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से आपको आपको मानसिक शांति मिलती है और साथ ही घर में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह मंत्र दरिद्रता को दूर करने वाला भी माना गया है। इसलिए निर्जला एकादशी से पूर्णिमा तक आप इस मंत्र का जप कर सकते हैं।
विष्णु स्तुति मंत्र
गलम् भगवान विष्णुः मंगलम् गरुड़ ध्वजः।
मंगलम् पुण्डरीकाक्षः मंगलाय तनो हरिः।।
विष्णु भगवान के ऊपर दिए गए स्तुति मंत्र का जप करना भी बेहद शुभ फलदायक माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से सभी संकटों का नाश होता है और भय से भी आपको मुक्ति मिलती है। प्रतिदिन इस मंत्र का जप करने से आपका आभामंडल भी सुधरता है।
महालक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
एकादशी से शुरू करके आप पूर्णिमा तिथि तक महालक्ष्मी मंत्र का जप करते हैं तो आपके जीवन में चल रही आर्थिक समस्याओं का समाधान होता है। आपको करियर के क्षेत्र में भी उन्नति मिलती है और उधार चुका पाने में भी आप कामयाब होते हैं।
मूल मंत्र
ॐ
सभी मंत्रों का मूल ॐ को माना जाता है। इस मंत्र का निरंतर जप करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति व्यक्ति को होती है। इस मंत्र का जप अगर आप एकादशी से पूर्णिमा तक करते हैं तो कई सुखद परिणाम आपको मिल सकते हैं।
हरे कृष्ण हरे राम
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥
ऊपर दिए गए मंत्र का जप करना भी सुख और कल्याणकारी माना गया है। इस मंत्र का जप यूं तो आप हमेशा कर सकते हैं लेकिन एकादशी से पूर्णिमा तक इस मंत्र का जप करने से आपके जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो सकता है।
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