तारातला हादसे में अब तक 9 की मौत, 20-22 लोगों के फंसे होने की आशंका, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

तारातला में हुए गोदाम हादसे के बाद बचाव अभियान लगातार जारी है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर पहुंचे स्थानीय गवाह सुरिंदर साउ ने घटना को लेकर कई अहम बातें बताई हैं, जिससे हादसे की भयावहता सामने आती है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है, जबकि राहत और बचाव कार्य जारी है।

स्थानीय लोगों ने दी पुलिस को हादसे की जानकारी 

सुरिंदर साउ ने दावा किया कि कल दोपहर जब हादसा हुआ तो वह मौके पर सबसे पहले पहुंचे थे। लोकल इलाके में एक दुकान है उनका। उन्होंने बहुत तेज आवाज सुनी और दुकान से बाहर आकर देखा कि बन रहा गोदाम गिर गया है। उन्होंने तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस और फायर ब्रिगेड को कॉल करके हादसा के बारे में बताया। फिर जब वह गोदाम के आस-पास देखने गए तो उन्हें अंदर से चीखें सुनाई दीं। सुरिंदर साउ के मुताबिक, यहां पचास से ज्यादा लोग काम कर रहे थे। उन्हें डर है कि अभी भी करीब 20-22 लोग फंसे हो सकते हैं। 

मुआवजे की घोषणा

तारातला गोदाम हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बचाव अभियान अभी भी जारी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन पर कहा कि कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। मृतक व्यक्ति के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायल लोगों के परिवार के लिए 1 लाख रुपये मुआवजा की घोषणा की गई है। 

घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल का आरोप

बता दें कि बुधवार, 24 मई को कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास बन रहे गोदाम की छत गिरने से बड़ी दुर्घटना हो गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जब अचानक निर्माणाधीन छत गिरी, तो उस वक्त कई मजदूर बिल्डिंग के अंदर ही काम कर रहे थे। इस हादसे कि भयावहता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 20 से 22 लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका।

अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि तारातला में एक 3 मंजिला निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत कास्टिंग के काम के दौरान गिर गई। आरोप है कि गोदाम के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था।