TATA की इस कंपनी में फिर बड़ा साइलेंट कट, Q3 में 11000 की कटौती; दो तिमाहियों में 30 हजार से ज्यादा लोगों की गई नौकरी
देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में कर्मचारियों की संख्या लगातार दूसरी तिमाही में घटी है। अक्टूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी के 11,151 कर्मचारी कम हुए, जिससे आईटी सेक्टर में जॉब सिक्योरिटी को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले सितंबर तिमाही में भी कंपनी ने 19,755 कर्मचारियों की कटौती दर्ज की थी। दो तिमाहियों में कुल मिलाकर 30 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की कमी ने जॉब मार्केट को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
TCS द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही के अंत तक कंपनी में 5,82,163 कर्मचारी रह गए, जबकि सितंबर तिमाही में यह संख्या 5,93,314 थी। यानी कंपनी का कुल वर्कफोर्स अब छह लाख से नीचे आ गया है। वहीं, आईटी सर्विसेज में कंपनी की वॉलंटरी एट्रिशन रेट 13.5% रही, जो पिछले क्वार्टर के मुकाबले स्थिर लेकिन ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
कंपनी का क्या कहना?
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि यह कटौती किसी बड़े छंटनी अभियान का हिस्सा नहीं, बल्कि यूटिलाइजेशन सुधार और टैलेंट ऑप्टिमाइजेशन की रणनीति के तहत की गई है। TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने कहा कि कंपनी का फोकस खुद को दुनिया की सबसे बड़ी AI-लीड टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी बनाने पर है। उन्होंने बताया कि TCS की AI सर्विसेज से अब 1.8 अरब डॉलर की वार्षिक आय हो रही है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर इंटेलिजेंस तक किए गए निवेश का नतीजा है।
टीसीएस का रिजल्ट
वित्तीय नतीजों की बात करें तो Q3 FY26 में TCS की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 2% और सालाना आधार पर 4.9% की बढ़त दर्ज की गई। डॉलर टर्म्स में कंपनी की आय 7.5 अरब डॉलर रही। हालांकि, सालाना आधार पर डॉलर रेवेन्यू में हल्की गिरावट भी देखने को मिली। इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 25.2% और नेट मार्जिन 20% रहा, जबकि ऑपरेशंस से कैश फ्लो नेट प्रॉफिट का 130% से ज्यादा रहा।
डिमांड के मोर्चे पर TCS को कुछ राहत मिली है। कंपनी के 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा रेवेन्यू देने वाले क्लाइंट्स की संख्या बढ़ी है, वहीं इस तिमाही का ऑर्डर बुक 9.3 अरब डॉलर का रहा, जिसमें सबसे बड़ा योगदान नॉर्थ अमेरिका और BFSI सेक्टर का है।
